Saturday, August 13, 2022
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संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रव्यापी चक्का जाम आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया

देवरिया। सिंचाई विभाग डाक बंगला परिसर में संयुक्त किसान मोर्चा की एक आवश्यक बैठक बाबूराम शर्मा की अध्यक्षता में हुई जिसमें 31 जुलाई को किसान आंदोलन की राष्ट्रव्यापी चक्का जाम आंदोलन को सभी जिलों में सफल बनाने का आह्वान किया गया।

बैठक में किसानों के साथ सरकार द्वारा की जा रही वादाखिलाफी और गलत मंशा से बनाई जा रही एमएसपी निर्धारण कमेटी का पर्दाफाश करने वाले पर्चे निकालकर जिलेभर में अभियान चलाकर वितरित करने, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और 31 जुलाई को जिले स्तर पर चक्का जाम आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय लिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि यह दु:खद है कि सरकार किसान आंदोलन की जीत को दिल से स्वीकार नहीं कर पा रही है और किसी न किसी रूप में पिछले दरवाजे से उसकी उपलब्धियों को हड़प लेने की कोशिश में लगी हुई है। वक्ताओं ने कहा कि एमएससी निर्धारण के लिए कमेटी बनाने का वादा करके सरकार ने इसमें अनिश्चितकालीन विलंब किया और जब कमेटी बनाई गई तो उसमें किसान आंदोलन के धुरविरोधी, और सरकार के पिछलागू लोगों को भर दिया गया।

वक्ताओं ने एक स्वर से इस कमेटी को पूरी तरह खारिज करने और कृषि उत्पादों पर जीएसटी लगाए जाने का विरोध करने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि जो सरकार एमएसपी लागू कर पाने में अक्षम है वह कृषि उत्पादों पर जीएसटी लागू कर गरीबों मजदूरों का जीना दूभर कर रही है। इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वक्ताओं ने खाद के मूल्य में हुई बेतहाशा वृद्धि, किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने के वादे को पूरा नहीं करने बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी करने और सूखे की आपदा से जूझ रहे किसानों के प्रति कोई कदम नहीं उठाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नहरों में पानी नहीं आने पर भी चिंता व्यक्त की।

लोगों ने कहा कि कृषि लागत में हुई भारी बढ़ोतरी के कारण किसान खेती के भरोसे जीवित रहने की स्थिति में नहीं रह गया है वहीं सरकार द्वारा गुणवत्ता परक शिक्षा और चिकित्सा की मुनाफाखोरी को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने उसके भविष्य को अंधकार पूर्ण कर दिया है।

बैठक में राघवेंद्र प्रताप शाही , कामरेड साधु शरण, सुरेंद्र चौहान, सुदामा चौरसिया, डॉ कृष्णा जयसवाल ,सदानंद यादव, चंद्रदेव सिंह, ठाकुर मद्धेशिया, चतुरानन ओझा, सुदर्शन, रमाशंकर गुप्ता, लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, प्रभु दयाल सिंह, हरेंद्र सिंह, बैरिस्टर शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे बैठक का संचालन कामरेड साधु शरण ने किया।

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