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कुशीनगर। बौद्ध सर्किट में पर्यटन विकास पर 20-21 अक्टूबर को मंथन होगा। पर्यटन मंत्रालय के इस आयोजन में देश के टूर ट्रैवल्स व होटल उद्योग के 33 कारोबारी और पर्यटन मंत्रालय के 40 अधिकारी जुट रहे हैं।

‘बौद्ध सर्किट में पर्यटन….आगे का रास्ता’ थीम पर दो दिनों तक चलने वाली इस कांफ्रेंस में बौद्ध सर्किट में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा और योजना तैयार होगी।

20 अक्टूबर को कुशीनगर में आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की समाप्ति के बाद होटल रायल रेजीडेंसी के सभागार में यह कांफ्रेंस शुरू होगी। प्रमुख कारोबारियों में महाराष्ट्र के मंगोलियन हास्पिटिलिटी प्रा. लि. के सुनीत कोठारी, दिल्ली के इंपैक टूर प्रा. लि. के नरेश कुमार शर्मा,ताज गंगेज के विवेक शर्मा, होटल क्लार्क वाराणसी के उपेंद्र गुप्ता, बिहार के डोमेस्टिक टूर आपरेटर के प्रभात कुमार समेत सिद्धार्थ इंटरनेशनल, मिडटाउन ट्रेवेल्स,टूर मास्टर, विजिट बिहार, धर्मा स्ट्रीट, ट्रेवेल ओसियन, ताज गंगेज वाराणसी, होटल क्लार्क वाराणसी समेत बिहार, दिल्ली, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र की टूर ट्रेवेल, होटल समूह के लोग शामिल हैं।

पर्यटन मंत्रालय की योजना बौद्ध सर्किट के कुशीनगर, श्रावस्ती, संकिसा, कपिलवस्तु, सारनाथ, बोधगया समेत बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों तक पर्यटन आधारित संसाधन को अधिकाधिक विकसित करने की है। कुशीनगर एयरपोर्ट से जहाजों का परिचालन शुरू हो जाने के बाद निकट भविष्य में बौद्ध सर्किट के पर्यटन के बूम कर जाने की सम्भावना को देखते हुए केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय व राज्य पर्यटन विभाग पर दबाव बढ़ गया है। पर्यटन मंत्रालय वाराणसी के अतिरिक्त निदेशक/सूचना अधिकारी अमित और गोरखपुर-आजमगढ़ मण्डल के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि बौद्ध सर्किट के पर्यटन विकास को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही है। कांफ्रेंस में मंथन होगा और कार्ययोजना बनेगी।

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