Friday, December 9, 2022
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हवाई अड्डा के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने जुलूस निकाला, प्रशासन को ज्ञापन दिया 

आजमगढ़। जमीन-मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में अमर शहीद कुंवर सिंह उद्यान से ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर मंदुरी हवाई अड्डा के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। ग्रामीणों ने ‘ जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे ‘, ‘ लड़ेंगे-जीतेंगे ‘, ‘ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का मास्टर प्लान वापस लो ‘ , ‘ किसी भी कीमत पर जमीन-मकान नहीं छोड़ेंगे ‘, ‘ विस्तारीकरण के नाम पर भूमि अधिग्रहण वापस लो ‘, ‘ सर्वे के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न बंद करो ‘, ‘ दलित महिलाओं और ग्रामीणों के उत्पीड़न की न्यायिक जांच कराओ ‘, ‘ जमीन के लुटेरों वापस जाओ ‘ नारे लगाए।

ज्ञापन लेने के बाद मोर्चा के नेताओं से अतिरिक्त उपजिलाधिकारी नंदिता शाह ने वार्ता की।  ग्रामीणों ने कहा कि 12-13 नवम्बर 2022 के दिन और रात में उपजिलाधिकारी सगड़ी, कई राजस्वकर्मी, पुलिसकर्मी, पी.एस.सी. के साथ आए और जरीब से नाप-जोख करने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि जब जमीन हम देना नहीं चाहते तो सर्वे का क्या औचित्य. प्रशासन के लोग भद्दी अश्लील जातिसूचक गालियों के साथ ग्रामीणों को मारने लगे। इसकी शिकायत जिलाधिकारी आज़मगढ़ से की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. पिछले 21 दिन से जमुआ हरिराम गांव में खिरिया की बाग में शांतिपूर्ण क्रमिक धरना जारी है. जहां जमुआ हरिराम, कादीपुर हरिकेश, हसनपुर, जिगिना करमनपुर, लछेहरा, हिच्छनपट्टी, गदनपुर, जेहरा पिपरी, मंदुरी आदि गांवों के महिला-पुरुष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से असहमति दर्ज करा रहे हैं.

ग्रामीणों ने मांग की कि विस्तारीकरण के नाम पर जमीन-मकान के अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए, मंदुरी एयर पोर्ट के विस्तारीकरण का मास्टर प्लान रद्द किया जाए, 12-13 अक्टूबर 2022 की रात शासन-प्रशासन द्वारा महिलाओं-ग्रामीणों के उत्पीड़न की न्यायिक जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने मांग की कि जिलाधिकारी धरना स्थल पर आकर लिखित रूप से दें कि जमीन अधिग्रहण नहीं होगा।

संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि पिछले करीब पंद्रह सालों से आजमगढ़ में मंदुरी हवाई अड्डा के लिए जो जमीन अधिग्रहित हुई उस पर न कोई विमान आया न गया और न ही आसपास के ग्रामीणों को रोजी-रोजगार, जीवकोपार्जन का कोई साधन उपलब्ध हुआ। आजमगढ़ जैसे पूर्वांचल के जिलों से नौजवान रोजी-रोटी की तलाश में ट्रेनों में जानवर की तरह ठूंसकर मुम्बई, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, चेन्नई के शहरों में जाने के लिए मजबूर होते हैं। आवश्यकता तो यह है कि रेलों की यातायात क्षमता बढ़ाई जाय और बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधे खोलें जाए और खुदरा व्यवसाय को बढ़ाया जाए।

मोर्चे के नेताओं ने सवाल किया कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर इतनी आतुरता क्यों है जब जनपद से 100-200 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद, कुशीनगर, अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं।  मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्रों को निजी हाथों में बेचा जा रहा है, अब उसी तर्ज पर किसानों की जमीन-मकान छीनकर कंपनियों के हाथों बेचने की साजिश की जा रही है।

प्रदर्शन -सभा को रामनयन यादव, शशिकांत उपाध्याय, सुजय उपाध्याय, राजीव यादव, दुखहरन राम, राजेश आज़ाद, रविन्द्र नाथ राय, रामराज, राहुल विद्यार्थी, विनोद यादव, लालमन ने सभा को संबोधित किया। इस मौके पर अजय यादव, रविन्द्र यादव, प्रमोद कुमार, सप्पू कुमार राठौर, भानुप्रताप पासवान, राजेश पासवान, शैलेश राय, दयाराम भास्कर, रामधनी, अजय यादव, संतोष यादव, अमरजीत यादव, राजू यादव, अंशु यादव, अवधेश यादव आदि उपस्थित रहे।

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