एसिड हमले की शिकार लड़कियों को नौकरी में प्राथमिकता का कानून जल्द

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कुशीनगर , 23 अप्रैल।  प्रदेश में एसिड हमले की शिकार लड़कियों को राज्य सरकार जल्द सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने जा रही है। इस आशय का मसौदा तैयार किया जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही मसौदा कानून का रूप ले लेगा। ऐसा होने से एसिड अटैक की पीडि़ता सम्मान से जीवन जी सकेंगी।
यह जानकारी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन यादव ने दी। पूर्वांचल के दौरे पर आई महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कुशीनगर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में सैकड़ों एसिड अटैक से पीडि़त लड़कियां उपेक्षा व तिरस्कार का जीवन जी रही है। मुख्यमंत्री अखिलेश जी ने पीडि़ताओं को सूचीबद्ध कराकर उन्हें बेहतरी का जीवन देने की पहल की है। आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा समाज में महिलाओं की स्थिति बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार व महिला आयोग कृत संकल्प है। जब तक महिलाएं खुद की ताकत को नही पहचानेगी तब तक वास्तविक स्वालंबन नही आएगा।आयोग की उपाध्यक्ष ने बताया कि कि प्रदेश के 12 जिलों में आशा ज्योति केंद्र खोले जाने की कार्रवाई शुरू हो गई है । इन केंद्रों पर महिलाओं के सभी प्रकार की स्वास्थ्य जांच के साथ साथ उनकी घरेलू समस्या, रोजगार, स्किल डेवलमेंट आदि की सुविधा होगी । इन केंद्रों पर हेल्प लाइन का कंट्रोल रूम भी स्थापित होगा जो महिलाओं की सुरक्षा व सहयोग की दिशा में 24 घंटे कार्य करेगा। आकस्मिक स्थिति में महिला को त्वरित सहायता मुहैया कराई जाएगी । आयोग की उपाध्यक्ष सुमन यादव ने बताया कि 12 जिलो में इस योजना को प्रयोग के तौर पर लागू किया जा रहा है। आगे के दिनों में सभी जिलों में यह योजना लागू की जाएगी। इसके पूर्व आयोग की उपाध्यक्ष ने महिलाओं से जुड़ें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास कार्यो की अद्यतन जानकारी ली। महिला थाना से अभिलेख नही आने पर नाराजगी भी जताई ।

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