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कब्र से मासूम का शव निकालने से नाराज ग्रामीणों ने तहसील घेरा, एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी

⁠⁠⁠⁠शमशान और रास्ते की भूमि के बारे में एसडीएम ने चार बार अपने आदेश को बदला
महराजगंज, 13 सितम्बर. निचलौल थाना क्षेत्र के ग्राम सभा कोहडवल स्थित शमसान की सार्वजनिक भूमि में बुधवार की सुबह एक नवजात शिशु के शव को दफनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। शमशान की भूमि को रास्ते की भूमि बता कर एक अल्पसंख्यक परिवार के कुछ लोगों ने मासूम के शव को कब्र से निकाल फेंक दिया। इससे लोग आक्रोशित हो गए और ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मासूम का शव लेकर तहसील पहुँच गए एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की. मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर किसी तरह शांत कराया और चार थानों की पुलिस की मौजूदगी में शव को दफनाया गया।
निचलौल तहसील के ग्राम सभा कोहडवल में खाता संख्या 00431 अराजी नम्बर 461 मि० 0202 हेक्टेयर भूमि शवदाह स्थल के रुप में दर्ज है। इसका वर्षों पूर्व सीमांकन करा कर ग्रामीणों ने पत्थल नसब भी कराया है।इधर गांव के ही एक अल्पसंख्यक परिवार उक्त भूमि को रास्ते की भूमि बताते हुये एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर वाद संख्या 6/2016 मुस्तफा बनाम सरकार में कायमी दी।इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने 17 अगस्त 16 को शमसान को खारिज कर रास्ता दर्ज करने का आदेश पारित किया।

इस आदेश के खिलाफ ग्राम सभा ने 3 सितम्बर 2016 को कायमी दाखिल की जिसकी सुनवाई के बाद 30 दिसम्बर 2016 को उक्त भूमि पर एसडीएम ने अपना फैसला बदलते हुये पुनः शमशान दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने फिर कायमी दी जिस पर एसडीएम कोर्ट एक बार फिर अपने ही आदेश को पलट दिया और 3 सितम्बर 16 के आदेश को पलट कर 4 सितम्बर 2017 को पुनः शमशान  इन्द्राज खारिज कर रास्ता भूमि दर्ज करने का आदेश दे दिया। जब तब बदलते एसडीएम कोर्ट के इस फैसले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति है।

इसे लेकर 12 सितम्बर को हिन्दु युवा वाहिनी के जिला मंत्री कृष्ण बिहारी पाठक व जिला उपाध्यक्ष संजय कश्यप के साथ ग्रामीणोंं ने जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुये एडीएम को जांच सौंपी थी। जांच अभी शुरू भी नहीं हुआ था कि बुधवार की सुबह गांव में बवाल हो गया। बीती रात गांव की एक लडकी अनिता ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के तत्काल बाद बच्चे की मौत हो गयी। जिसे लेकर परिजन सुबह गांव के शमशान में दफनाने पहुंचे। दूसरे पक्ष के मुस्तफा और उनके दो पुत्रों ने इसका विरोध किया. इसके बावजूद ग्रामीणों शव दफना दिया. कुछ देर बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने कब्र से शव निकाल कर फेंक दिया।

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निचलौल तहसील पहुंच कर मामले की जांच करते एडीएम आरपी कश्यप. साथ में एसडीएम व अन्य अधिकारी

इसके बाद गांव में तनाव हो गया।सूचना पर पहुंचे एसओ टीपी श्रीवास्तव ने लोगों को समझे बुझाने का प्रयास किया लेकिन नाराज लोग एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते कोहडवल से तहसील मुख्यालय पहुंचे और उग्र प्रदर्शन कर एसडीएम के खिलाफ जैम कर नारेबाजी की। विरोध देख एसडीएम ने चौथी बार अपने आदेश को अपने ही कलम से पलटते हुये एक नया आदेश पारित कर शव को कब्र से निकालने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई का आदेश दिया।जिसके बाद कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को दफनाया गया तब जाकर मामला शांत हुआ।

कब्र से शव को निकालने के मामले में तीन के विरुद मुकदमा दर्ज, एक गिरफ्तार
कोहडवल शमसान भूमि विवाद में बुधवार की सुबह विवादित शमसान की भूमि में दफन मासूम की शव को निकाल कर फेंकने के मामले में निचलौल पुलिस ने मुस्तफा सहित तीन के विरुद्ध आईपीसी की धारा 297 के तहत मुकदमा दर्ज कर मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस छावनी में तब्दील रहा तहसील और गांव
कोहडवल शमसान विवाद के बाद ऐहतियातन गांव और तहसील परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी।तहसील परिसर में चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे तो वहीं गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। निचलौल, चौक, ठूठीबारी, बरगदवा व सोनौली की पुलिस के साथ खुद सीओ मुकेश प्रताप सिंह गांव में मौजूद रहे। वहीं एएसपी आशुतोष शुक्ला तहसील में सुरक्षा की कमाने सम्भाले रखा।एसडीएम के आदेश के बाद दोपहर बाद कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को दफनाया गया।

विवाद शुरु होने के बाद मामले की जांच करने पहुंचे एडीएम

कोहडवल शमशान विवाद में अपने ही आदेश को एसडीएम द्वारा चार बार पलटने के मामले बुधवार को जब विवाद बढा तो जिला प्रशासन के भी हाथ पांव फुलने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुये जिलाधिकारी ने एडीएम को मामले की जांच सौपी। जिसके बाद बुधवार की सुबह एडीएम आरपी कश्यप व एएसपी आशुतोष शुक्ला निचलौल तहसील पहुंच कर मामले की जांच शुरु किया है।इसके बाद मामले में एसडीएम ने एक और आदेश दिया है।

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