कार्पोरेट के हित में है क्लीनिकल इसटैब्लिशमे्ंट एक्ट : डॉ आर एन सिंह

गोरखपुर । भारतीय चिकित्सा संघ की गोरखपुर शाखा के पूर्व अध्यक्ष डॉ आर एन सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार में क्लीनिकल इसटैब्लिशमे्ंट रजि्स्ट्रेशन एक्ट लागू होने से आम आदमी के लिये निजी अस्पतालों में इलाज कराना बहुत महंगा अौर मुश्किल हो जायेगा। इन्सपेक्टर राज, भ्रष्टाचार,प्रशासनिक दखल अौर मानक पूरा करने की औपचारिकता में सस्तेे दर पर इलाज करने वाले संस्थान भी लोगों की पहुंच से बहुत दूर हो जायेंगे और लोगों का जीवन खतरे पड़ेगा।
डॉ सिंह ने कहा कि बकौल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जिस देश में 10 लाख  चिकित्सकों की कमी हो,क्या वहां यह एक्ट लागू करना वाजिब है ? तमाम चिकित्सक महंगे कार्पोरेट अस्पतालों की अॊर पलायन करेंगे। कार्पोरेट सेक्टर के लिये मुफीद यह एक्ट छोटे, किफायती संस्थानों संसथानों अौर एकल चिकित्सकों के लिये वजूद का सवाल बन जायेगा।अौसत आमदनी के ९० फीसदी लोग आज अपने इलाज अौर जीवन बचाने के लिय औसत, छोटे, एकल चिकित्सकीय प्रति्सठानो में ही जाते हैं।इन संस्थाओं के लिये बङी मुश्किल होगी।अंततः तो आम नागरिक भी परेशान होगा।
उन्होने जनप्रतिनिधियों सेअपील की कि वह इस मुद्दे पर चिकित्सकों अौर आम जनता का हित देखें अौर मुखर विरोध करें। इस एक्ट से सिर्फ कारपोरेट सेक्टर को ही फलनेे फूलने का मौका मिलेगा।छोटे प्रतिष्ठानों अौर एकल चिकित्सकों को तमाम अौपचारिकताओं , इन्सपेक्टर राज तथा भ्रष्टाचार बढ जाने की वजह से समुचित ढंग से किफायती दर पर चला पाना मु्श्किल हो जायेगा।अंततः तो नुकसान आम जन का ही होगा।यह एक्ट अौसत आमदनी वाले, गरीब लोगों से उनके स्वा्स्थ्य सेवायें चुनने का अधिकार छीन लेगा।सरकारी अस्पताल वह मजबूरी में जाता है अौर महंगे कार्पोरेट अस्पताल वह जा नही सकता।

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