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पेमेंट देने मे अव्वल,सुविधा देने में पीछे है आईपीएल चीनी मिल

–किसानों ने गन्ने के अगैती खेती का बढ़ाया है रकबा

सिसवा बाजार।(महराजगंज)9जुलाई।
स्थानीय आईपीएल चीनी मिल जहाँ भुगतान देने में अव्वल रहा है वही किसानों के लिए सुविधा देने में कोई ख़ास दिलचस्पी नही दिखाती है।हालांकि मिल के भुगतान को देखते हुए कृषकों ने गन्ने के पैदावार के लिए अपना रुख कर लिया है।और इस सीजन के लिए 7529 हेक्टेयर से बढ़ा कर रकबा आठ हजार हेक्टेयर कर दिया है।जब कि अन्य मिले काश्तकारों के हित के ख्याल रखने में पीछे नही रहती।पर आईपीएल की बेरुखी से किसान मनमसोस के रह जाता है।
पिछले सीजन में गन्ना कृषकों ने 7529 हेक्टेयर में खेती की थी।और सिसवा के इण्डिया पोटाश लिमिटेड (आईपीएल)चीनी मिल को 96 दिन में 18 लाख 46 हज़ार कुंतल  गन्ने का उपज दिया था।गन्ना किसान जहाँ मिल के समय पर भुगतान से खुश है वही कृषक मिल के इस व्यवहार से दुखी है कि जहाँ अन्य मिलें अपने किसानों को सुविधाओं के साथ साथ प्रोत्साहन देती है वही आईपीएल इस मामले में बहुत पीछे है।सिसवा ब्लाक के ग्राम सभा बैजनाथपुर के प्रगतिशील कृषक चन्द्रशेखर सिर्फ लल्ले सिंह  का कहना है कि इस सीजन के गन्ने में धीरे धीरे भुडिया रोग का प्रकोप बढ़ रहा है मिल को चाहिए कि कृषि वैज्ञानिकों को इस मामले मे सहयोग करने व किसानों को सलाह देने के लिए भेजे।उन्हीने बताया कि कुशीनगर जनपद के रामकोला की त्रिवेणी चीनी मिल  प्रति एकड़ एक कुंतल डीएपी व 50 किलो यूरिया अपने किसानों को प्रोत्साहन स्वरुप देती है पर वही आईपीएल द्वारा काश्तकारों जब कोई प्रोत्साहन नही मिलता तो वह मन मसोस कर रह जाता है।मिले अर्ली वराइटी के लिए किसानों पर जोर देती है पर उन्नत किस्म का बीज मुहैया नही करा पाती जिससे कृषकों को समस्याये उतपन्न होती है।क्योंकि अगैती गन्ना के लिए 05191,8272,सीओ 98014,यूपी 5125,सीओ 5011 प्रजाति के बीज सब से अच्छी वराइटी मानी जाती है।फ़रवरी मार्च में इन प्रजाति के गन्ने से अच्छी रिकवरी प्राप्त होती है।जिसके लिए किसानों को दर दर भटकना पड़ता है।सिसवा कस्बे के कृषक उत्पल विश्वास उर्फ़ गुड्डू विश्वास का कहना है कि गन्ना विभाग का भी कोई विशेष सहयोग नही मिलता है।विभाग द्वारा कृषि उपकरण भरपूर मात्रा में उपलब्ध नही करायी जाती जिससे किसान इन उपकरणों से महरूम रह जाता है।और उन्हें हानि उठानी पड़ती है।वही मिल द्वारा सीजन में सड़कों की हालत भी दुरस्त नही करायी जाती जिससे अपना उपज लाने में किसानों को काफी मुश्किल सामना करना पड़ता है।जिन रास्तों से गन्ना लाया जाता है उन रास्तों पर पुल के एप्रोच सूचना देने के बाद भी केन यूनियन द्वारा आज तक नही बनवाया गया है।वही मृदा परीक्षण की तरफ विभाग को ध्यान आकृष्ट करने  की भी ज़रूरत है।
इस संदर्भ में गन्ना प्रबंधक शिवशंकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि आईपीएल हमेशा अपने कृषकों के हितों का ख्याल रखती है।हर मुमकिन कोशिश किया जाता है कि उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा सुविधाएँ मुहैया कराई जाय।

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