राज्य

जल संसाधान विभाग के अभियंताओं ने बालू खनन से एपी तटबंध को होने वाले नुकसान का जायजा लिया

ग्रामीणों का आंदोलन जारी, कभी जल सत्याग्रह तो कभी तटबंध पर लेटकर कर रहे आंदोलन

तमकुहीराज (कुशीनगर), 26 फरवरी। एपी तटबंध के पास बड़ी गंडक नदी में बालू खनन का पट्टा दिए जाने के निर्णय पर कुशीनगर जिला प्रशासन फंसता जा रहा है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता परियोजना एवं नियोजन द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम ने 25 फरवरी को एपी तटबंध पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया।

उधर बालू खान रोकने के लिए क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू की अगुवाई में ग्रामीणों को आंदोलन 25 फरवरी को 23वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीण कभी नदी में जल सत्याग्रह कर, कभी तटबंध पर लेट कर आंदोलन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी हालत में बालू खनन नहीं होने देंगे क्योंकि इससे पहले से कमजोर एपी तटबंध कट जाएगा।

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स्थलीय निरीक्षण करने आयी अभियंताओं की टीम में मुख्य अभियंता मध्य स्तर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, मुख्य अभियंता गंडक सिंचाई एवं जल संसाधान गोरखपुर, अधीक्षण अभियंता अनु एवं नियोजन बाढ़ मंडल और अधीक्षण अभियंता,गंडक सिंचाई कार्य मंडल द्वितीय थे।
अभियंताओं की टीम ने विरवट कोन्हवलिया गांव के पास एपीतटबंध पर 23 दिन से बालू खनन रोकने के लिए आंदोलन चला रहे क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू से भी मुलाकात की और उनसे जानकारी ली। अभियंताओं ने ग्रामीणों से भी बात की। इस टीम का गठन 21 फरवरी को किया गया था।

इसके पहले भी लखनउ से आई एक उच्चस्तरयी टीम ने मौके का निरीक्षण किया था।

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एपी तटबंध की देखरेख करने वाले गंडक सिंचाई कार्य मंडल-द्वितीय के अधीक्षण अभियंता बालू खनन को एपी तटबंध के लिए खतरा बताते हुए पहले ही बालू खनन रोकने की रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारियों को दे चुके हैं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि खनन पट्टा डीएम के स्तर पर हुआ है, इसलिए बालू खनन पर रोक उनके द्वारा ही लगायी जा सकती है।

तमकुही विधान सभा क्षेत्र के ग्राम सभा विरवट कोन्हवलिया में बालू खनन के पट्टे को निरस्त कराने को लेकर आज कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता एवं विधायक अजय कुमार लल्लू की अगुवाई में ग्रामीणों ने 23 वें दिन 25 फरवरी को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा।

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इसके पहले आंदोलन के 18वें और 19वें दिन जल सत्याग्रह किया। इसके बाद 20वें दिन अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। 22वें दिन ग्रामीण तटबंध पर लेट गए और संकल्प लिया कि वे जान दे देंगे लेकिन बालू खनन से तटबंध को कटने नहीं देंगे।

आंदोलन में जे डी यादव, उपेन्द्र सिंह, बबलू प्रसाद, रामशंकर चौरसिया, विकास  तिवारी, गौतम सिंह, शिवपूजन निषाद, केदार सिंह, रामबहादुर भगत, मजिस्टर यादव, बैजनाथ यादव, घनश्याम दुबे, अंकित कुमार, अजित सिंह, जय प्रकाश सिंह, दिनेश सिंह, राजकिशोर, सुदर्शन सिंह, रुदल यादव, ओम प्रकाश सिंह, रामेश्वर प्रसाद, नन्दलाल सिंह, अमर चैरसिया, धर्मेन्द्र शर्मा, जटाशंकर, तेजनारायण, जवाहर सिंह, लाल बाबू सिंह, केश्वर भारती, विदेशी भारती, दूधनाथ, अर्जुन प्रसाद, राज रोशन सिंह,

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संजय प्रसाद, अरविंद सिंह पटेल, पूर्व ग्राम प्रधान गोपाल गुप्ता, ब्लाक अध्यक्ष मंसूर आलम, राजेश पाण्डेय, मोतीलाल भारती, अलाउदीन अंसारी ,बाबू राम गुप्ता, अजय गुप्ता, शर्मा यादव, लेश्वर यादव , ग्राम प्रधान प्रभु गुप्ता, ग्राम प्रधान शम्भू यादव, प्रधान संघ अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, एजाज अहमद, जे0 डी0 यादव, संजय कुशवाहा, गौतम सिंह, संजय सिंह, उपेन्द्र सिंह,रुदल यादव, प्रदीप सिंह, अमर चौरसिया, धर्मेन्द्र शर्मा, वृजकिशोर सिंह, अंशु उपाध्याय, अजय कुशवाहा, शिव जी शर्मा, बबलू प्रसाद, बैजनाथ यादव, कन्हैया यादव, अशोक चौहान, विक्रम शर्मा, राजकिशोर सिंह, जयनारायण सिंह, ललित सिंह, नारद सिंह, रामेश्वर पटेल, रामेश्वर यादव, नागेन्द्र यादव, जय प्रकाश सिंह, दिनानाथ सिंह, रमाकांत सिंह, रहमान अंसारी, सरल प्रसाद, रामअशीष यादव, राजेंद्र प्रसाद, गौरीशंकर प्रसाद, रामअवध सिंह, रामबहादुर भगत, रविन्द्र सिंह, विकास तिवारी, अजय यादव आदि सक्रिय हिस्सा ले रहे हैं।

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