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वन ग्रामों के बच्चों को भी शिक्षा हासिल करने का हक: जूही सिंह

गोरखपुर न्यूज़ लाइन ने बाल आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह के समक्ष वन ग्रामों में स्कूल ने होने का सवाल उठाया 
गोरखपुर, 27 अप्रैल। उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह ने गोरखपुर और महराजगंज के 23 वन ग्रामों में बच्चों के लिए स्कूल नहीं होने पर हैरानी जताई है और कहा है कि वन ग्रामों के बच्चों को भी शिक्षा हासिल करने का हक है।

सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में गोरखपुर न्यूज़ लाइन ने बाल आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह के समक्ष यह सवाल उठाया। उन्होने कहा कहा कि इस बारे में वह जानकारी हासिल करेंगी। उन्होने सबंधित अधिकारी को जानकारी मुहैया कराने का आदेश दिया। जंगल तिकौनिया में खुले आकाश के नीचे चल रहे विद्यालय के बारे में जब उन्हें जानकारी दी गयी तो उन्होने सबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि वहां की स्थिति से अवगत करायें।

मीडिया से बातचीत में आईसीपीएस योजना पर अफसोस जताते हुए कहा कि दो साल हो गए प्रशासन ने एक भी बच्चा चिह्नित नहीं किया। इस मद में शासन से आया पैसा भी वापस कर दिया गया। योजना के काम में तेजी लाने का निर्देश प्रशासन को दिया है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना का फायदा असल लाभार्थियों तक नहीं मिल पा रहा है। इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है। तमाम दिक्कतों को जल्द दूर किया जायेगा। 30 हजार कुपोषित बच्चे का मिलना चौकाने वाला है। इंसेफेलाइटिस पर राष्ट्रीय बाल आयोग की वर्ष 2014 में हुई सुनवाई के सवाल पर बोली कि उन्हें नहीं पता कि जनसुनवाई में आयोग ने क्या सिफारिशें की थीं। राज्य बाल आयोग का गठन हाल ही में हुआ है। हम राष्ट्रीय बाल आयोग से सांमजस्य बनाकर कार्य कर रहे हैं।
बीमारी से विकलांग बच्चों का सर्वे कर पुर्नवास, शिक्षा प्रबंध करने की दिशा में क्या कार्य हुआ के सवाल पर बाल आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय बाल आयोग ने अगर कोई सिफारिश इसके तहत किया है तो उसे पूरा करने की कोशिश की जायेगी।