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शिक्षा मित्रों का तीसरे दिन जोरदार प्रदर्शन, बीएसए कार्यालय में ताला लगाया

गोरखपुर , 8 सितम्बर. शिक्षा मित्रों ने सरकार द्वारा 10 हजार मानदेय तय किये जाने के खिलाफ आज तीसरे दिन भी सैकड़ों की संख्या में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया.आक्रोशित शिक्षा मित्रों ने बीएसए कार्यालय पर ताला भी जड़ दिया.

शिक्षा मित्रों के दोनों संगठनों द्वारा बनाया गया संयुक्त मोर्चा आन्दोलन का नेतृत्व कर रहा है.  मोर्चा के दोनों जिलाध्यक्ष गदाधर दुबे व अजय सिंह ने कहा आज धरने को संबोधित करते हुए कहा कि 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्र सड़क पर आ गया है । उसके बाद पांच सितंबर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षामित्रों को शिक्षक पद से वापस करते हुए पुन: शिक्षामित्र पद पर करते हुए 11 माह का मानदेय दस हज़ार कैबिनेट में पासकर शिक्षामित्रों के दुखों को और बढ़ा दिया है । सरकार शिक्षामित्रों के प्रति संवेदनहीनता व निरंकुशता का परिचय दिया है । प्रदेश का शिक्षामित्र सड़क पर है। मंत्री हमें अयोग्य कहकर विरोधियों को ख़ुश करने पर लगे हैं । जबकि आज की तारीख़ में सभी एक लाख सत्तर हज़ार शिक्षामित्र बीए व बीटीसी पास हैं। कुछ शिक्षामित्र बिना शासन के दिशा निर्देश पर टेट भी पास हैं और सरकार के लोग अयोग्य कहते हुए उनको शर्म भी नहीं आ रही हैं । चालीस हज़ार देंगे तो अयोग्य और दस हज़ार देंगे तब योग्य । यह कौन सा पैमाना है ?

तालाबंदी

दोनों नेताओं ने कहा कि जब तक सभी शिक्षामित्रों को सम्मानजनक उनका हक़ नहीं मिल जाता ,समान कार्य समान वेतन व एनसीटीई के पैरा फ़ोर में संशोधन नहीं हो जाता तबतक आंदोलन चलता रहेगा ।

शिक्षामित्रों के आज के धरने को विशिष्ट शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष तारकेशवर शाही तथा आमी बचाओ के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने भी संबोधित किया. दोनों ने कहा कि जो समायोजित शिक्षामित्र चालीस हज़ार पा रहे थे उन्हें भी दस हज़ार और असमायोजित शिक्षामित्रों को भी दस हज़ार देना अन्याय है । एक तो सुप्रीम कोर्ट से इन्हें निराशा मिली अब सरकार भी इन्हे धोखा दे रही है ऐसे में प्राथमिक शिक्षा और चौपट हो जाएगी। प्रदेश सरकार को सहानुभूति पूर्वक निर्णय लेते हुए समान कार्य का समान वेतन सभी शिक्षामित्रों को देकर उनके परिवार को आर्थिक तंगी व आने वाली विभिन्न  परेशानियों से बचाना चाहिए। साथ ही सरकार की मंशा इनके प्रति ठीक है तो पुनर्विचार याचिका भी डालना चाहिए ।

महिला शिक्षा मित्र

इस दौरान रंजना मिश्रा , सुनीता गुप्ता , कंचन त्रिपाठी ,शशिकला  , ममता , साधना, पूनम ,रंजू  ,रीना सिंह , सबिता साधना ,अनीता मीना ,संगीता सिंह ,उषा सिंह ,चंपा गुप्ता ,जानकी देबी शबीहा ,शकुन्तला देबी  ,मीना गौतम ,नीलम गोंड़  ,अमलावती  ,सुनीतापाल  , रामनगीना हुकुमचंद अफ़जाल समानी  ,मनोज यादव ,दिग्विजय दूबे ,संजय यादव ,अखंड प्रताप ,सुशील सिंह ,संजीव सिंह ,जनार्दन कुशवाहा  ,बेचन सिंह अमित राय ,अतुल राय ,केदार ,सुनील शर्मा ,संदीप संदीप  , ,बृजभूसन सैनी  ,शाममिलन  ,रामकेशर  ,हरेन्द्र  ,जितेंद्र  ,प्रभुनाथ  ,कुँवर सेन मल ,अनिल करूणाकर पांडेय  दिनेश ,रमेश नाथ सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे ।

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