साक्षात्कार

साजिश ना होती तो ओलंपिक में हिस्सा लेता, सरकार ने भी नहीं दिया साथ : नरसिंह

सैयद फरहान अहमद 

गोरखपुर, 15 अक्टूबर। रीजनल स्पोटर्स स्टेडियम में चल रही सीनियर उप्र पुरुष एवं महिला राज्य कुश्ती चैम्पियनशिप एवं उप्र केशरी कुश्ती प्रतियोगिता के मुख्यअतिथि अन्तराष्ट्रीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव ने रियो ओलंपिक में हिस्सा न ले पाने के सवाल पर कहा कि यह किसी एक आदमी का काम नहीं है, बल्कि सोची समझी साजिश है। पहले खाने में कुछ मिलाना और उसके बाद नाडा ऑफिस में यहां से मेल कराना कि यहां पर डोपिंग हो रही है, यहां पर रेड कीजिए। ऐसा कोई एक आदमी नहीं कर सकता है। इसके पीछे कई बड़े लोगों का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ कमी पुलिस की तरफ से भी रह गई, क्योंकि जब उन्होंने एफआईआर करवाया था, तो उस लड़के के खिलाफ हमने जो शिकायती तहरीर दी थी, पुलिस ने कोई कार्यवायी नहीं की। अगर उन्होंने उसे पकड़ा होता, तो निश्चित ही मैं ओलंपिक में खेलता।
उन्होंने तकनीकी समस्या ने हमारी मुसीबत बढ़ाई। वहां पर हमें सुनवाई का समय भी नहीं मिला, काफी कम समय था, जब उन्होंने हमें बताया। हमने उनसे यह टाइम मांगा था कि आप हमें खेलने दीजिए, अगर मेडल आएगा और डोप टेस्ट पॉजिटिव हो, तो आप इसे वापस ले लीजिएगा, लेकिन उन्होंने हमें टाइम नहीं दिया, क्योंकि हमारा वकील वहां समय से पहुंच नहीं पाया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हमारा पक्ष सही से नहीं रखा जा सका क्योंकि टेक्निकल प्रॉब्ल्म की वजह से क्लियरिटी ही नहीं थी।
नरसिंह ने कहा कि वाडा में अपील की, तो उन्होंने कहा कि आपकी सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया। शिकायत मिलने के बाद भी उस लड़के को नहीं पकड़ा, तो हम क्या कर सकते हैं।ओलंपिक में शामिल न होने का दर्द लिए नरसिंह ने बताया कि अगर हरियाणा पुलिस ठीक तरह से जांच करती, तो मैं ओलंपिक खेलता। इसमें हरियाणा पुलिस की भी काफी कमी थी। नरसिंह ने कहा कि खिलाड़ी ओलंपिक में देश को मेडल दिलाने के लिए चार साल प्रैक्टिस करता है, उसके खाने में ऐसा हो जाता कि लोग कुछ मिला देते हैं, जिससे उसका कॅरियर ही चौपट हो जाता है. ऐसा करना बिल्कुल गलत है।

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नरसिंह ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच शुरु हो गई है। हमारे अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने मेरा साथ दिया और वह सारा मामला जानते थे, इसलिए मेरे साथ खड़े रहे। मैं प्रधानमंत्री मोदी जी का धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने मामले की सीबीआई जांच शुरू करा दी।अब मैं यह चाहता हूं कि मामले की जल्द से जल्द सीबीआई जांच हो, जो लोग इसके पीछे हैं, उनके खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा कायम हो।उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा न हो।
प्रो रेसलिंग के बारे में पूछे जाने पर नरसिंह ने बताया कि यह खिलाडिय़ों के लिए काफी फायदेमंद है।खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ियों के लिए। इसके जरिए उन्हें प्वाइंट्स के बारे में जानकारी तो होती ही है, साथ ही इंटरनेशनल लेवल पर होने वाली कुश्ती के बारे में पता चल रहा है साथ ही खिलाडिय़ों को अच्छा अनुभव के साथ अच्छा प्लेटफॉर्म मिला और उनका मनोबल भी बढ़ा है।फाइनेंशियली कमजोर लोगों के लिए यह काफी अच्छा प्लेटफॉर्म था, पहलवानी में अच्छी डाइट लगती है, लेकिन पैसे के आभाव में लोग प्रॉपर डाइट नहीं ले पाते हैं और उन्हें प्रैक्टिस करने में दिक्कत होती है।
उन्होंने विश्व चैंपियन सुशील कुमार के बारे में सवाल पर कहा सुशील से न तो मेरा कोई रिश्ता था और न ही रहेगा। मेरे साथ जो हुआ काफी गलत हुआ। ऐसा जिन लोगों ने किया है, वह जानबूझ कर किया है। किसी भी खिलाड़ी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए ।

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