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साम्प्रादायिक ताकतों को हराने के लिए बिहार के तर्ज पर सेक्यूलर दल एकजुट हों -डॉ अय्यूब

गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से डा. संजय कुमार निषाद प्रत्याशी घोषित
एक सितम्बर को लखनऊ में पीस पार्टी , निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल और  महान दल के गठबंधन की महारैली गोरखपुर, 10 अगस्त। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. मोहम्मद अय्यूब ने कहा है कि पीस पार्टी , निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल और  महान दल के गठबंधन की मंशा है कि बिहार के तर्ज पर चुनाव लड़ा जाए जिससे साम्प्रादायिकता का नाश हो सके। गठबंधन उप्र विधानसभा के सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। गठबंधन किसी दल से समझौता तभी करेगा जब वह पार्टियां गद्दी के लिए नहीं साम्प्रादायिक ताकतों को हराने व विकास के मुद्दे पर एकजुट होंगी।
डा. अय्यूब आज प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पीस पार्टी कांग्रेस और सपा को मुसलमानों का दुश्मन मानती है फिर भी साम्प्रादायिक ताकतों को हराने के लिए हम उनसे गठबंधन करने को तैयार हैं। सपा, कांग्रेस, बसपा, एआईएमआईएम सहित तमाम दलों से गठबंधन की बात  चल रही है। उन्होने सांसद असुदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के सवाल पर कहा कि पीस पार्टी व एआईएमआईएम की तरह पचास पार्टियां और होनी चाहिए जो मुसलमानों के साथ खड़ी हो,  जो  मुसलमानों के हक हकूक, परेशनियों की वजह ही ना बतायें बल्कि समस्याओं के हल करने का मार्ग भी प्रशस्त करें। उन्होने बताया कि गठबंधन 1 सितम्बर को लखनऊ के रमाबाई पार्क में गठबंधन महारैली आयोजित करने जा रहा है। उन्होंने ’इत्तेहाद फ्रंट’ के सवाल पर कहा कि संगठन अभी बना ही नहीं था तो अलग होने की बात ही कहा उठती है।

उन्होने गठबंधन की ओर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय कुमार निषाद को गोरखपुर ग्रामीण सीट से प्रत्याशी घोषित किया।
भाजपा पर हमला बोलते हुए डॉ अय्यूब ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचारी पार्टी है। भ्रष्टाचार सिर्फ पैसे का नहीं होता है। हक और हुकूक ना देना भी एक तरह का भ्रष्टाचार है। लोगों पर जुल्म करना भी भ्रष्टाचार है। भाजपा रामलला का सौदा आखिर कब तक करेगी ? दलित पर प्रधानमंत्री का बयान एक जुमला भर है। भाजपा व आरएसएस की हमेशा बांटो और राज करो की चाल रही है । पीएम देश नहीं संभाल पा  रहे है। देश की गद्दी छोड़कर अब जाकर गुजरात संभालें।
मुसलमान और ईसाई दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं देने के लिए कांग्रेस दोषी
पार्टी द्वारा प्रदेश भर में 10 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाये जाने के मौके पर पत्रकारों से बटर कर रहे डॉ अय्यूब ने कहा कि पार्टी अपने वजूद से ही इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाती आ रही है। यह दिन संविधान और समाज के लिए काला दिन हैं। सेकुलर कहे जानी पार्टियों पर काला धब्बा लगाने वाला दिन है। इस दिन संविधान की बुनियाद डेमोक्रेसी, सेक्यूलिरजम, सोशलिज्म को ठेस पहुंची । 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। ठीक इसी साल 10 अगस्त को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश जारी कराया जिस वजह से सिर्फ हिंदू दलितों को आरक्षण देने का प्राविधान शुरू हुआ। 1956 में सिखों और 1962 में बौद्धस्टिों ने इसका विरोध किया तो सिख व बौद्धस्टिों में निचले स्तर के लोगों को अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया। लेकिन आज तक मुसलमान व ईसाई वर्ग के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिला हैं। सुप्रीम कोर्ट इस बाबत केंद्र सरकार से वजह पूछ रही हैं। लेकिन केंद्र सरकार कतरा रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इसके लिए कांग्रेस व पं. जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार मानती है। पीस पार्टी ने बुधवार को काला दिवस मनाते हुए डीमए कार्यालय पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डा. अयूब, डा. संजय कुमार निषाद सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
फूलन देवी प्रतिमा ना लगने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोषी 
उन्होंने पूर्व सांसद फूलन देवी की प्रतिमा ना लगाने व निषाद समाज के लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए केंद्र सरकार, प्रदेश की सपा सरकार को जिम्मेदार माना। अब तक साम्प्रदायिक व मनुवादी ताकतें  भारत के मूल निवासियों विशेषकर मुसलमानों व अन्य कमजोर वर्गों के स्वाभिमान को समाप्त करने का षड़यंत्र रचते चले आ रहे है। वीरांगना फूलन देवी जो समाज के संघर्ष व स्वाभिमान की प्रतीक है। मूर्ति ना लगने देना साम्प्रदायिक मानसिकता वाली केंद्र सरकार, गोरखपुर के  मनुवादी मानसिकता वाले विभिन्न संगठन तथा उप्र सरकार की निषाद व मुस्लिम विरोधी सरकार का मिला जुला षड़यंत्र है।

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