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24 घंटे में दो बार टूटा महाव नाला का तटबंध

आठवीं बार महाव नदी का तटबंध टूटने से परेशान हैं किसान
महराजगंज, 4 अगस्त। महाव तटबंध फिर टूट गया। गुरुवार की रात झिगटी गाँव के पास महाव नाला का तटबंध टूट गया. इसके पहले दिन में कोहरगड्डी के पास तब्नाध टूट गया था. इससे कई गांवों में न केवल नदी का पानी आ गया है बल्कि सैकड़ों एकड़ फसल भी पानी में डूब गई है. लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां बाढ के पानी से उनकी खेती बर्बाद हो रही है, वही गांव में पानी घुसने से भवन कमजोर हो रहे हैं।गाँव में पानी घुसने से दुश्वारियां अलग से झेलनी पड़ रही है ।
महाव तटबंध गुरूवार की रात झिगटी गाँव के पास टूट गया। इस वर्ष आठवीं बार तटबंध टूटा है. झिगटी गाँव निवासी रामसेवक साहसी के खेत के पास करीब 50 मीटर कटे तटबंध की वजह से नाले का पानी झिगटी, खैरहवा, पड़ौसी आदि गाँवों में तथा सिवानों में फैल गया है। गुरूवार को ही महाव नाला कोहरगड्डी गाँव के पास टूट गया था. किसानों का कहना है कि एक ही दिन में दो  स्थानों पर तटबंध टूटने से समस्या और गहरा गई है।

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टूटे तटबंध को लेकर सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि लगता है प्रशासन को किसानों की तबाही से कुछ लेना-देना नहीं रह गया है ।

महाव नाला
-नेपाल से निकले महाव नाले की कुल लंबाई-23 किमी
-सर्पाकार महाव नाले पर कुल 65 मोड़ हैं
– सेंचुरी के अंदर आठ किमी महाव की सफाई की जिम्मेदारी वन विभाग पर
-जंगल से बाहर 15 किमी नाले के रखरखाव का दारोमदार सिंचाई विभाग पर
-इस वर्ष वन विभाग ने मनरेगा से 73 लाख की लागत से वन क्षेत्र में नाले की सफाई कराई है
-सिंचाई विभाग ने भी 10 लाख से कराई है नाले की सफाई

_इसके बावजूद नाले के तटबंध का बार-बार टूटना नाले की सफाई कार्य पर सवाल खड़ा कर रहा है

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