स्वास्थ्य

‘ मां का प्यार स्तनपान ‘ योजना के तहत 20 स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण दिया गया

देवरिया। जिला महिला चिकित्सालय के हौसला प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को ‘ मां का प्यार स्तनपान ‘  योजना के तहत स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण दिया गया।  प्रशिक्षण कार्यक्रम में नर्सों  को सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को मां का प्यार दिलाने की ट्रेनिंग दी गई। इसके साथ ही  बच्चों को कुपोषण से बचाने की ट्रेनिंग दी गई।

ट्रेनिंग के दौरान डॉ दीपा ने बताया कि स्टाफ नर्स को प्रशिक्षित होने से प्रेगनेंसी और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के कारण होने वाली मौतों पर को काफी हद तक लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि मां के दूध में सभी तरह के जरूरी पोषक तत्व जैसे- एंटी बॉडीज, हॉर्मोन, प्रतिरोधक कारक और ऐसे ऑक्सीडेंट पूर्ण रूप से मौजूद होते हैं, जो नवजात शिशु के बेहतर विकास और स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जन्म के पश्चात छ: माह तक शिशु को मां के दूध के सिवाय पानी का कोई ठोस या तरल आहार नहीं देना चाहिए क्योंकि मां के दूध में प्रचुर मात्रा में पानी होता है जिससे छ: माह तक के बच्चे को हर मौसम में पानी की पूर्ति मां के दूध से ही हो जाती है।उन्होंने बताया की  छ: माह के अंतराल में शिशु को पानी का सेवन कराने से शिशु का दूध पीना कम हो जाता है। परिणाम स्वरूप शिशु में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही उन्हें बताया गया कि प्रसव के कुछ अंतराल बाद बच्चे को स्तनपान करा देना चाहिए। क्योंकि मां के प्रथम दूध (कोलोस्ट्रम) में गाढ़ा, पीला दूध आता है, जिसे शिशु जन्म से लेकर कुछ दिनों तक सेवन करता है। इस प्रथम गाढ़े दूध में विटामिन, एन्टीबॉडी, अन्य पोषक तत्व काफी अधिक मात्रा में होते हैं जिससे बच्चों में रतौंधी जैसे रोग होने का खतरा भी टल जाता है।

इस दौरान कार्यक्रम में  प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 20 से भी अधिक नर्सें मौजूद रही।

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