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विचार

निजीकरण की वकालत करती है नयी स्वास्थ्य नीति

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भोपाल, 7 अप्रैल। जन स्वास्थ्य अभियान और मध्यप्रदेश लोक सहभागी साझा मंच  नयी स्वास्थ्य नीति को निजीकरण की वकालत करने वाला करार दिया है।  जन स्वास्थ्य अभियान के राहुल शर्मा  और मध्यप्रदेश लोक सहभागी साझा मंच के जावेद अनीस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाएं भयावह रूप से लचर हैं. सरकारों ने लोक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी से ...

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गैस चैम्बर में तब्दील होता गोरखपुर

(गोरखपुर में बढ़ते प्रदूषण की अनदेखी पर लेखक -कवि प्रमोद कुमार का आलेख)   गोरखपुर में विकास नगर मोहल्ले के मेरे एक मित्र को एक मध्य रात्रि में लगा कि उनका दम घूंट रहा था। नींद टूटी तो अनुभव किया कि पूरा घर एक अज्ञात दमघोंटू गैस से भर गया था। उन्होंने बाहर निकल देखा कि एक चिमनी से निकला ...

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‘ मांस का मजहब ’

( उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों पर पाबंदी को लेकर छिड़ी बहस मांसाहार और शाकाहार तक पहुँच गई है। वरिष्ठ पत्रकार नासिरुद्दीन का यह लेख इस बहस को छेड़े जाने की राजनीति को समझने के लिए बहुत जरूरी है। नासिरुद्दीन का यह लेख 12 अगस्त 2016 को प्रभात खबर में प्रकाशित हुआ था )  हमारे मुल्क के खान-पान का मिजाज मांसाहार नहीं है ...

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जनतंत्र के महाजन का पुनर्जन्म

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पंकज के जायसवाल बैंकों द्वारा सेवा शुल्कों में बढ़ोत्तरी के निर्णय को समझने के लिए हमें बैंकों के राष्ट्रीयकरण के इतिहास के पन्नों में झांकना पड़ेगा। हमें याद करना चाहिए कि देश की जनता को बैंकों की महाजनी से मुक्त कर बैंकों का राष्ट्रीयकरण करते वक़्त तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने कहा था कि “बैंकिंग प्रणाली जैसी संस्था, जो ...

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गुरमेहर कौर की आवाज सुनिए और उनकी निडरता का सम्मान करिए

पेंटिंग_राकेश कुमार दिवाकर

प्रो सदानंद शाही  लगभग एक दशक पहले मैं विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केन्द्र से जुडा था।उस दौर में हमने महिला अध्ययन में पाठ्यक्रम आदि बनाये।उस समय हमें अपने कुछ पुरुष सहकर्मियों की टिप्पणियां हैरत में डाल देतीं।अपने सारे वैदुष्य और पांडित्य को धता बताते हुए वे प्राय:  कहते रहते कि कहां फंसे हुए हो -‘महिलायें तो वैसे ही बेहाथ हो ...

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भूटान : सादगी का वैभव  

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 जावेद अनीस प्रकृति की गोद में बसा भूटान एक ऐसा देश है जो खुशहाली पर जोर देता है. जहाँ पूरी दुनिया का जोर जीडीपी यानी “सकल घरेलू उत्पाद” पर होता है वहीँ भूटान अपने नागिरकों का जीवन स्तर जीएनएच यानी “सकल राष्ट्रीय ख़ुशी” से नापता है. यह एक बड़ा फर्क है जो भूटान को पूरी दुनिया से अलग करता है. भूटान की हवाओं में ...

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मोदी सरकार का “ कांग्रेसी ” बजट

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जावेद अनीस 2014 में नरेंद्र मोदी बदलाव के नारे के साथ सत्ता में आये थे और जनता को भी उनसे बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन तीन साल पूरे होने को आये हैं और मोदी सरकार कोई नयी लकीर खीचने में नाकाम रही है, मोटे तौर पर वह वह पिछली सरकार के नीतियों का ही अनुसरण करते हुए दिखाई पड़ रही है. ...

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हिजड़ा समुदाय का रहस्य लोक

Image source - 'Myself Mona Ahmed', Dayanita Singh and Mona Ahmed, Scalo Verlag Ac, 2001

इना गोयल, शोध छात्रा यूनिवर्सिटी कॉलेज लन्दन, यू.के. ( यह लेख हिजड़ा समुदाय पर शोध करते हुए इस बात को समझने का प्रयास है कि हिजडों की भूमिका पर अपना मत रखने के क्या अर्थ हैं और हिजड़ा बनने की प्रक्रियायें क्या हैं ।  यह अध्ययन दिल्ली, भारत में रहने वाले हिजड़ा समुदाय के नृजातीय (Ethnographic) अध्ययन पर आधारित है ...

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नोटबंदी : असर-बेअसर

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जावेद अनीस बीते साल 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने अचानक 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी तो यह भारतीयों के लिए सबसे बड़ी घटना बन गयी जिसकी दुनियाभर में चर्चा हुई. इस फैसले की वजह से देश की 86 प्रतिशत मुद्रा एक ही झटके में चलन से बाहर हो गयी, ...

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कपड़े में अटका ‘ ईमान ’

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नासिरुद्दीन, वरिष्ठ पत्रकार एक फोटो है. फोटो में एक नौजवान लड़का और लड़की हैं. दोनों सज-धज कर बैठे हैं. साथ में उनकी छोटी सी बेटी है. आम आंखों को इस तस्वीर में दिलकश जोड़ी दिख रही है. एक नन्हीं प्यारी सी बच्ची दिख रही है. लेकिन, कुछ खास लोगों की खास आंखों को सिर्फ लड़की का खुला चेहरा, उसकी बांहें, उसका ...

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