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देवरिया के बालिका गृह मामले में डीएम सुजीत कुमार हटाये गये, अमित किशोर नये डीएम

बालिका गृह से मुक्त करायी गयी बच्चियां साभार- देवरिया लाइव
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डीपीओ प्रभात कुमार व पूर्व डीपीओ अभिषेक पाण्डे निलंबित, दो अन्तरिम डीपीओ नीरज कुमार एवं अनूप सिंह पर विभागीय कार्रवाई का आदेश
अपर मुख्य सचिव बाल कल्याण विभाग रेणुका कुमार और एडीजी महिला हेल्प लाइन अन्जू गुप्ता जांच के लिये देवरिया पहुंची, अधिकारियों के साथ बैठक की

लखनऊ/ देवरिया, 6 अगस्त; देवरिया बालिका गृह पर कार्रवाई के मामले में लापरवाही के आरोप में देवरिया के जिलाधिकारी सुजीत कुमार को हटा दिया गया है. नया डीएम अमित किशोर को बनाया गया है. इस मामले में मौजूदा डीपीओ प्रभात कुमार पूर्व डीपीओ अभिषेक पांडेय को भी निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा दो अंतरिम डीपीओ नीरज कुमार और अनूप सिंह पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं.

देवरिया में हुई इस घटना ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. विपक्षी दलों के हमले तेज हो गये हैं. इस बीच सरकार ने इस मामले में आनन फानन कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रदेश की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि बालिका संरक्षण गृह अनधिकृत रूप से चल रहा था. कई बार इस संरक्षण गृह को बंद करने के लिए नोटिस दिए गए. मामला बेहद गंम्भीर है, हर बिंदु पर जांच की जाएगी. यहां देह व्यापार होता था या नहीं? जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। डॉ रीता जोशी ने कहा कि हमने लखनऊ से एक टीम वहां भेजी है. प्रमुख सचिव, महिला और बाल कल्याण से शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है।

गोरखपुर न्यूज लाइन को मिली जानकारी के अनुसार शासन के आदेश पर हेलिकाप्टर से शाम चार बजे अपर मुख्य सचिव बाल कल्याण विभाग रेणुका कुमार और एडीजी महिला हेल्प लाइन अंजू गुप्ता जांच के लिये देवरिया पहुंच गयीं. इन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ लगभग दो घंटे बैठक कर मामले के सभी पहलुओं की जानकारी ली. बैठक से बाहर निकलने के बाद मीडियाकर्मियों से रेणुका कुमार ने कहा कि मामले की जांच चल रही है. जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है.

मुक्त कराई गयी बालिकाओं से पूछताछ, मेडिकल कराया गया

6 अगस्त को पूरे दिन पूरा प्रशासनिक अमला बालिका गृह से संबंधित जानकारियों को खंगालने में जुटा रहा। जांच भी शुरू हो गयी है. एसडीएम ने बालिका गृह से मुक्त कराई गयी बालिकाओं और महिलाओं से सघन पूछताछ की. इनका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया. उधर बालिका गृह की संचालिका और उनके पति से पुलिस के आला अफसरों ने पूछताछ की. लखनऊ और देवरिया में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। विपक्षी दलों ने इस घटना को बिहार के मुजफ्फरपुर कांड का विस्तार बताया और आरोप लगाया कि मान्यता स्थगित होने के बावजूद भी पुलिस द्वारा रेस्क्यू की गयी लड़कियों और महिलाओं को इस बालिका गृह में भेजा जाता रहा. जो यहां की संचालिका के सत्ता दल के राजनीतिज्ञों और नौकरशाही के उच्च स्तर पर संबंध की ओर इशारा करती है. उधर प्रदेश के सीएम ने सभी जिलों में चल रहे महिला संरक्षण गृहों की सघन जांच के आदेश दिये हैं.

7 अगस्त को  सपा का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

देवरिया की समाजवादी पार्टी ने बालिका गृह मे बालिकाओ के साथ देह व्यापार की घटना के खिलाफ प्रदेश पार्टी के आहवान पर विधानसभा मे प्रतिपक्ष के नेता रामगोबिन्द चौधरी के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर धरना व प्रदर्शन का निर्णय लिया है.यह जानकारी पूर्व विधायक गजाला लारी ने दी है.

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