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जहरीली शराब कांड में पूरा तरयासुजान थाना लाइन हाजिर, कमिश्नर और आई जी का दौरा

मरने वालों की संख्या 11 तक पहुंची
कुशीनगर। तमकुही क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 48 घंटे में चार और मौतें होने के साथ मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। मरने वाले दो सगे भाई हैं हालांकि प्रशासन आधिकारिक रूप से आठ लोगों की मौत को मान रहा है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपया मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
आज कमिश्नर और आईजी जहीरीली शराब से मरे लोगों के घर गए और उनके परिजनों से बात की। दौरे के बाद आईजी ने तरयासुजान थाने और उससे सम्बन्धित चैकियों के सभी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। लाइन हाजिर के दायरे से एक महीने पहले तैनाती पाए पुलिस कर्मियों को मुक्त रखा गया है। थाने और उससे सम्बन्धित चैकियों में करीब पांच दर्जन पुलिस कर्मी तैनात हैं।
इसके पहले तरयासुजान थाने के थानेदार विनय पाठक, हल्का चैकी इंचार्ज भीखू यादव, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव और कांस्टेबल अनिल कुमार को निलम्बित कर दिया था। आबकारी विभाग के निरीक्षकर हृदय नारायण पांडेय, दो हेड कांस्टेबल प्रह्लाद सिंह, राजेश तिवारी, हल्का सिपाही रामानन्द श्रीवास्तव, रवीन्द्र कुमार को सस्पेंड किया गया था। कल जिला आबकारी अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया गया।
तरयासुजान थाने पर अवैध शराब के कारोबारियों को संरक्षण देने का आरोप है। एक महीने पहले दो जनवरी को क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर तमकुही क्षेत्र में अवैध शराब और स्मैक का कारोबार होने और इसमें पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत होने का आरोप लगाया था।
थाने पर यह भी आरोप है कि विभिन्न स्थानों से बरामद हुए शराब को फिर से बेचने के लिए दे दिया गया। इसी शराब के सेवन से लोगों के मरने की बात कही जा रही है। यही सवाल आज तरयासुजान थाने पहुंचे आईजी से जब पत्रकारों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है।
कुशीनगर जिले के तमकुही तहसील क्षेत्र में जवही दयाल के पास मौनी अमावस्या पर नारायणी नदी के तट पर मेला लगा था। बताया जा रहा है कि मेले में कच्ची शराब बिकी और आस-पास के गांवों के लोगों ने इसे पिया। यह शराब जहरीली थी और इससे पीने वाले बीमार पड़ गए। जवही दयाल गांव के हीरालाल, अवधू और डेबा की पांच फरवरी की रात तबियत ज्यादा खराब हो गई और सुबह होते-होते उनकी मौत हो गई। इसी तरह बेदूपार एहतमाली गांव के चंचल और खैरटिया गांव के मेघन प्रसाद की भी छह फरवरी की सुबह मौत हो गई।
सात फरवरी को बेदूपार एहतमाली गांव के 32 वर्षीय रामवृक्ष निषाद और खैरटिया के विजय पुत्र विक्रम की जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई। बाद में खैरटिया गांव के दो सगे भाई दिवाकर और ओम की भी मौत हो गई। बेदूपार एहतमाली के 42 वर्षीय रामनाथ गुप्ता पुत्र बिन्देश्वरी की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। आठ फरवरी को सेवरही क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी 30 वर्षीय रविन्द्र की मौत हो गई। उसे इलाज के लिए सीएचसी तमकुही से जिला अस्पताल ले जाया गया था।

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