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डॉ राजीव मिश्र (फाइल फोटो)
डॉ राजीव मिश्र (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट इलाहाबाद ने पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र की जमानत अर्जी खारिज की

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज में 10 अगस्त 2017 को हुए आक्सीजन हादसे में गिरफ्तार कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र की हाईकोर्ट से जमानत खारिज हो गई है।

डा. राजीव मिश्र के विरूद्ध 409, 308,120 बी आईपीसी, 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। उनकी पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ल के विरूद्ध 120 बी आईपीसी, 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8, 9 में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

पुलिस जांच में डा. राजीव मिश्र पर आरोप लगाया गया है कि उनके और लेखा विभाग के तीन कर्मचारियों की लापरवाही से वित्तीय वर्ष 2016-17 में 250 लाख रूपया लैप्स हो गया। उनके द्वारा अन्य मदों में व्यय किया गया लेकिन पुष्पा सेल्स को समय से भुगतान करने में लापरवाही की गई। पति-पत्नी पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए गए हैं।

इन आरोपों के बारे डा. मिश्र के पक्ष का कहना है कि उनकी ओर से काई प्रशासकीय चूक नही की गई।सरकार ने बकाया भुगतान के लिए बजट ही नहीं दिया। भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में काई ठोस सबूत नहीं हैं। सिर्फ कही-सुनी बातों पर आरोप लगाया गया है।

डा. मिश्र जेल में बीमार हैं। उन्हें मार्च माह के आखिरी सप्ताह में इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया इंस्टीच्यूट लखनऊ ले जाया गया था जहां उनकी एंजियोग्राफी हुई। वहां जांच में लिवर सिरोसिस का भी पता चला। इलाज के बाद उन्हें वापस गोरखपुर स्थित मंडलीय कारगार में भेज दिया गया है।

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