साहित्य - संस्कृति

‘ हम सायादार पेड़ जमाने के काम आये, जब सूखने लगे तो जलाने के काम आये ’

गोरखपुर. गैलेंट फाउण्डेशन द्वारा रविवार को कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन गैलेंट हाऊस में किया गया जिसमें मशहूर शायर मुनव्वर राना, शकील आजमी, शबीना अदीब, डा. कलीम कैसर, अंकिता सिंह, दिनेश बावरा आदि ने अपनी रचनाएँ पढ़ीं.

मशहूर शायर मुनव्वर राना ने ‘ हम सायादार पेड़ जमाने के काम आये, जब सूखने लगे तो जलाने के काम आये, तलवार की नियाम कभी फेंकना नहीं, मुमकिन है जमाने को डराने के काम आये ’ से खूब तारीफ बटोरी.

शायर शकील आजमी ने ‘मैंने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे, मसखरे बन गये दरबार में रहने के लिए ’, ‘परों को खोल जमाना उड़ान देखता है, जमीन पर बैठकर क्या आसमान देखता है, संभल के चल तुझे सारा आसमान देखता है’ पढ़ी.

शबीना अदीब ने ‘मेरी कोशिश तो नफरत को दिलों से दूर करना है, मेरा मकसद है दुनिया में मोहब्बत आम हो जाये’, निजामत कर रहे डा. कलीम कैसर ने ‘कोशिश से ज्यादा से न कुछ कम से हुई है, तामीरे वतन मैं से नहीं हम से हुई है’, अंकिता सिंह ने ‘तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना, कभी उगता हुआ सूरत इजाजत मांगता है क्या’, दिनेश बावरा ने अपने अंदाज में ‘बीबी झल्लाई जोर से चिल्लाई बोली वादे पर वादे, दिवाली पर हार दिलाऊंगा, होली में सिंगापुर ले जाऊंगा, हम तो किस्मत को रो रहे हैं विवाह को पूरे पांच साल हो गये हैं’ पढ़ कर अपनी मौजूदगी दर्ज करायी.

कवि सम्मेलन व मुशायरे में मंडलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पांडियन, नगर विधायक राधामोहन दास अग्रवाल, महापौर सीताराम जयसवाल, चन्द्र प्रकाश अग्रवाल समेत शहर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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