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आमी नदी के दोनों तरफ 5 किमी दायरे में तालाबों और पोखरों को संरक्षित किया जायेगा

आमी नदी का निरीक्षण करते न्यायमूर्ति डी पी सिंह

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा गठित ईस्टर्न यू. पी.रिवर्स एंड वाटर रिजवायर्स मानिरटरिंग कमेटी की बैठक में कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति डी पी सिंह ने दिया निर्देश

गोरखपुर.  आमी नदी एवं राम गढ़ताल के प्रदूषण एवं अतिक्रमण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन जी टी ) द्वारा गठित ईस्टर्न यू. पी.रिवर्स एंड वाटर रिजवायर्स मानिरटरिंग कमेटी की बुधवार को हुई बैठक में कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति डी पी सिंह पिछले आदेशो पर हुए अमल की समीक्षा की आगे के लिये आदेश दिये। न्यायमूर्ति डी पी सिंह ने कहा कि आमी नदी के दोनों तरफ 5 किमी दायरे में तालाबों और पोखरों को भी संरक्षित किया जायेगा तथा पीपल बरगद, पाकड़ जैसे पेड़ लगाए जायेंगे.

बैठक में शामिल आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय ने कमेटी के सामने आमी के लिये जिम्मेदार प्रमुख कारणों को सामने रखते हुए प्रदूषित आमी के कारण भूमिगत जलस्तर के प्रदूषित होने से तटीय गाँवो के लोगो के सामने पीने के साफ पानी के उतपन्न संकट की जानकारी दी. विश्वविजय ने वर्ष 2006 से लेकर अबतक आमी से जुड़े जिलाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण  बोर्ड, मंडलायुक्त, मुख्यमंत्री, पर्यावरण मंत्री राज्य एवं भारत सरकार, राज्यपाल ,प्रधानमंत्री को दिये गए ज्ञापन एवं एन जी टी में दायर याचिका और उसपर दिए गए निर्णय की प्रति भी कमेटी को सौंपी।

उन्होंने गोरखपुर जनपद के खीरी डाड, दरघाट, अनन्तपुर, मिश्रौलिया, टेलियाडीह, भड़सार, हरदी, अडीलापर, कैली, कुल्हई, गाडर, कटका, बनोड़ा, बेलवाड़ाडी, जैतपुर,छताई, मंझरिया, ढडौना, बेलड़ाड, सोहरा, कूड़ा भरथ,डोमर घाट,कुड़नी, जलरही,उनवल,बरवल, गोरसैरा,सारसोपार, धनइपुर, भुसवल, करहल, भरवलिया, बॉसगांव, कौड़ीराम, सोहगौरा, समेत तटीय गांव एवं सन्त कबीर नगर जनपद के नगरपंचयत मगहर, मोहिउद्दीन पुर,इस्लामनगर,रसूलाबाद,घनश्यामपुर,धौरहरा,समेत तटीय गावँ की सूची सौपकर यहा पीने के साफ पानी के संकट से अवगत कराया।

बैठक में गीडा के सी ई ओ ने बताया कि सी ई टी पी के लिये जमीन की व्यवस्था कर ली गयी है और डी पी आर बनाकर पैसे के लिये शासन को भेज दिया गया है।

न्यायमूर्ति डी पी सिंह ने कहा कि सिद्धार्थ नगर एवं सन्त कबीर नगर के डीएम एवं अन्य सम्बन्धित विभगो की बैठक में तय हुआ है कि आमी के दोनों तरफ 5 किमी दायरे में तालाबो एवं पोखरों को भी संरक्षित किया जायेगा और पीपल बरगद, पाकड़ जैसे पेड़ लगाए जाएंगे।

उन्होंने संतकबीर समाधि के पास स्थित शवदाह गृह को हटाकर वहा से आगे ले जाने के निर्देश दिये जिससे आने वाले पर्यटकों को दिक्कत का सामना न करना पड़े। कबीर पीठ के सामने बहने वाले नाले को आगे मोड़कर एस टी पी लगाने का निर्देश दिये। उन्होंने 15 दिन में जलनिगम को मगहर एवं खलीलाबाद में लगने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का डीपीआर एवं जमीन की व्यवस्था कर कमेटी को सूचित करने को कहा। गीडा में सी ई टी पी लगने तक कोई नया उद्योग न लगे इसका निर्देश गीडा अधिकारी को दिए.

रामगढ़ताल के लिये पिछले आदेश का सही पालन न होने पर जी डी ए अधिकारीयों पर नाराजगी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ने 2 सप्ताह में 50 मीटर में बने मकानों एवं पुरे वेटलैंड एरिया में हुए निर्माण की सूची कमेटी को सौपने का निर्देश दिये। उन्होंने रामगढ़ताल में अब बोल्डर पिचिंग नही करने के साथ साथ उसके किनारे सिर्फ वॉकिंग ट्रेक बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि कोई भी सड़क ऐसी नही बनेगी जिसपर गाड़ी चल सके। रामगढ़ताल इलाके में हो रहे निर्माण पर उन्होंने जब अधिकारियों से पुछा कि पर्यावरण क्लियरेंस लिया गया है तो अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए. इस पर उन्होंने  गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि कोई निर्माण अब बिना इसके नही होगा।

श्री सिंह ने आमी से प्रभावित गाँवो के भूमिगत पानी की जाँच का निर्देश जलनिगम को दिया और कहा कि विभाग ग्रामीणों को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे और 31 मार्च तक जलनिगम गोरखपुर शहर के सीवेज सिस्टम की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सौंपे।

बैठक में पूर्व कुलपति प्रो राधे मोहन मिश्र ने भी रामगढ़ताल से सम्बंधित कागज कमेटी को सौंपे. कमेटी ने बैठक के पहले आमी नदी और रामगढ ताल का निरीक्षण किया था.

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