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शिक्षामित्रों ने दिया धरना, सात फरवरी को दिल्ली कूच की तैयारी

गोरखपुर. सभी शिक्षा मित्रों को  पुनः सहायक अध्यापक पद पर बहाल करने, उनको स्थायी पद व वेतनमान देने, समायोजन निरस्त होने के बाद मरे शिक्षा मित्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देते हुए आश्रित सदस्य को नौकरी देने, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रदेश में हो रही 69000 शिक्षक भर्ती से कट ऑफ हटाते हुए शिक्षामित्रों को मौका देने और उपमुख्यमंत्री दिनेश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए शिक्षा मित्रों ने आज नगर निगम परिसर में धरना दिया. शिक्षा मित्रों ने मांग पूरी नहीं होने पर 7 फ़रवरी को नई दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी.

शिक्षा मित्रों के धरने को संबोधित करते हुए बातें उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद ने कहा कि प्रदेश में 2001 से लगभग 170000 शिक्षा मित्र प्रदेश के सुदुर ग्रामीण अंचलों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में गरीबों के बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। विगत 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून आने के बाद प्रदेश में कार्यरत समस्त शिक्षामित्रों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा निर्देशन में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से 2 वर्षीय बी टी सी का प्रशिक्षण कराया गया। तत्पश्चात प्रदेश के लगभग 137000 शिक्षा मित्रों को 2 चरणों में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित भी कर दिया गया । परन्तु इसी बीच मामला न्यायालय में चले जाने के कारण , पहले 12 सितम्बर 2015 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा शिक्षा मित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया गया और मामला उच्चतम न्यायालय में एक विशेष याचिका योजित की गई जो पुनः विगत 25 जुलाई 2017 को प्रदेश के शिक्षा मित्रों का सहायक अध्यापक पद पर हुए समायोजन को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया ।

उन्होंने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद प्रदेश के लगभग 1100 शिक्षा मित्रों की असामयिक मृत्यु आर्थिक तंगी एवं अवसाद से ( कुछ के द्वारा आत्महत्या, कुछ की हृदयाघात से) हो चुकी है। तथा प्रदेश के शिक्षा मित्र मानसिक अवसाद में जीवन यापन कर रहे हैं। जबकि उच्चतम न्यायालय द्वारा 25 जुलाई 2017 को दिये गए अपने निर्णय में यह स्पष्ट कहा गया था कि शिक्षा मित्रों को दो लगातार भर्तियों में मौका देकर सहायक अध्यापक बनाया जाय । परन्तु प्रदेश के समस्त शिक्षा मित्रों को बिना टेट पास कराए शिक्षक पद पर भर्ती हो रही है, जिससे प्रदेश के सभी शिक्षा मित्र इस समय अवसाद में हैं  तथा घोर निराशा के साथ ही अपने भविष्य को लेकर बेहद सशंकित है ।

कई बार संगठन द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समस्याओं के निराकरण के लिए निवेदन किया गया. मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन भी दिया गया था ।
उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 25 जुलाई 18 को एक हाई पावर कमेटी भी गठित की गई, लेकिन अभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ है।

धरना को सम्बोधित करते हुए अविनाश कुमार ने कहा उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला के आह्वान पर 28 जनवरी को प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों पर अपनी मांगों के संदर्भ में शिक्षामित्र धरना प्रदर्शन कर माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप रहे हैं. इसके बाद भी शिक्षा मित्रों के मांगो को नजर अंदाज किया गया तो उसके बाद 7 फरवरी को पूरे प्रदेश के शिक्षा मित्र दिल्ली के जंतर मंतर पर गरजेंगे और अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर कदम उठाने की भरसक प्रयास करेंगे ।

धरने मे मनोज यादव ,अशोक चंद्रा ,सुशील सिंह, राम अशीष यादव, राजीव गुप्ता, विनोद यादव ,सतीश, राम भजन निषाद, दिनेश गुप्ता, राकेश दुबे ,केदार ,साहब यादव, ईश्वर, संतोष सिंह ,अनुपमा पांडे, नंदिनी त्रिपाठी, रंभा शर्मा, इंद्रावती ,रामनाथ, लक्ष्मी नारायण वर्मा, रीना ओझा, अंजली सिंह ,रागनी ओझा, अंजनी विश्वकर्मा, सविता स्वरूप, सत्यभामा ,सावित्री देवी, मिठू प्रसाद ,नीलम ,नीलिमा सिंह, सुमन यादव, सीमा देवी, अंबिका सहानी ,साधना, संगीता, ज्योति पांडे ,पूनम सिंह, संतोष सिंह, संगीता, सुनीता, विनोद यादव ,रमेश , शैलेंद्र राव ,अनिल ,दरबारी लाल ,राकेश साहनी , रामप्रवेश आदि सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित रहे ।

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