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आईएएस बने मो0 हाशिम की सलाह -आखिरी हद तक मेहनत करें, कामयाबी जरूर मिलेगी

गोरखपुर। मंगलवार को शहर के एक मैरेज हाउस में जमियतुल मंसूर सेवा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आईएएस बने मो. हाशिम और ऐमन जमाल को सम्मानित किया गया. इस मौके पर  प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर युवाओं से संवाद भी हुआ.

प्रोग्राम में नव आईएएस मोहम्मद हाशिम ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि संघ लोक सेवा आयोग (यू०पी०एस०सी०) सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराता है, और यह देश की एक कठिन व प्रतिष्ठित परीक्षा है। फिर भी लाखों युवा छात्र देश के कोने-कोने से इस परीक्षा की तैयारी करते हैं और एक आई०ए०एस० अफसर बनने का सपना देखते हैं।

मोहम्मद हाशिम ने कहा कि सामान्यतः एक अभ्यर्थी यदि इस परीक्षा की तैयारी स्नातक स्तर से ही शुरू कर दें तो यह भी संभव है कि इस सेवा में जाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, और अभ्यार्थी सफलता पूर्वक इस प्रतिष्ठित सेवा में अपना भविष्य निर्धारित कर सकते हैं । मुख्यतः इस कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिये अभ्यर्थियों में शैक्षिक योग्यता के साथ अनुशासन व धैर्य होना अतिआवश्यक है, और एक समझदार अभ्यर्थी को यह चाहिये कि वह इस परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले यह निर्धारित करले कि उसमे पर्याप्त व उचित योग्यता, अनुशासन और धैर्य है, जिससे वह इस परीक्षा में निश्चित सफलता प्राप्त कर सके ।

उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए सामान्यतः दो से तीन वर्ष का समय पर्याप्त माना जाता है, परन्तु यह भी आवश्यक है कि एक अभ्यर्थी अपने पठन-पाठन तथा उसकी विषयवस्तु की समझ व आधारभूत आवश्यताओं का पालन करें। यदि ऐसा हो तो इस परीक्षा में सफलता मिलने की संभावना और अधिक बढ़ जाती है, और यह योजना एक अभ्यार्थी अपनी स्नातक शिक्षा के साथ-साथ बना व समझ सकता है.  इस परीक्षा में विषयों का चयन एक अतिमहत्वपूर्ण चरण होता है और इसी पर आपकी तैयारी व सफलता निर्धारित होती है, अतः विषय चुनते समय स्वयं ही निर्णय लें क्योंकि किसी भी विषय का अध्ययन असंभव नही है, अपितु अभ्यार्थी की उस विषय में रुचि ही सफलता पाने का प्रथम व मूलभूत आधार है.

उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम विशाल होने के कारण हमें वर्ष भर अध्ययन करना होगा, और इसलिए आपको इस योजना को सफल बनाने के लिये कठिन प्रयास करने होंगे और इसी से आप इस विशालकाय पाठ्यक्रम को सफलता पूर्वक पूरा कर सकेंगे.

मोहम्मद हाशिम की प्राथमिक शिक्षा मदरसे की रही। नौवी क्लास से बीटेक तक की पढाई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पूरी की। ऐमन जमाल शाहजहांपुर में श्रम आयुक्त पर पोस्टेड होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाई। हालांकि उनके पिता हसन जमाल उर्फ बबुआ भाई मौजूद रहें.

कार्यक्रम में एएसपी सुभम पटेल ने कहा कि इस कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिये अभ्यर्थीयों में शैक्षिक योग्यता के साथ अनुशासन व धैर्य होना अतिआवश्यक है। इस परीक्षा में सफलता युवाओं के लिए प्रेराणादायी है। देश और समाज सेवा के लिए युवाओं को योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करें तो सफतलता जरूर मिलेगी। कार्यक्रम में तैयारी करने वाले छात्रों ने सवाल जवाब भी किया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए एमएसआई इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य जफर अहमद खान ने देश की सबसे बडी परीक्षा में सफलता पर मो. हाशिम और ऐमन को बहुत बहुत मुबारकबाद देते हुए कहा कि इन्होंने हमारे शहर का नाम रौशन किया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता जमियतुल मंसूर सेवा संस्थान के अध्यक्ष मकबूल अहमद मंसूरी ने की.

इस दौरान डा0 वहाब, जमील अहमद, शादाब अहमद, मौलाना अतहर, हाजी बिस्मिल्लाह, हाजी लियाकत, मुश्ताक अली मंसूरी, डा0 आसिफ नदीम सहित तमाम लोग मौजूद रहे.

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