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नगर विधायक विधान सभा में बोले-पथ विक्रेता कानून का उल्लंघन कर रेहड़ी वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है

नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल (फाइल फोटो)

लखनऊ। गोरखपुर नगर के विधायक डा राधा मोहन दास अग्रवाल ने शुक्रवार को विधानसभा में  गोरखपुर की सडकों पर ठेले-खोमचे लगाकर सब्जियां/ फल बेचने वालों का मुद्दा उठाया । उन्होंने सवाल किया कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने 2014 में पथ विक्रेता अधिनियम बनाया और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य नाथ की सरकार ने 2017 में इसकी नियमावली बना दी तो 2020 में भी नगर निगम  रेहड़ी लगाने की जगह क्यों नहीं बना रहा और पुलिस उन गरीबों के साथ मार पीट क्यों कर रहे ? उन्हें गालिंया देकर अपमानित क्यों किया जा रहा है ? उनके ठेले-खोमचों को पलटा क्यों जा रहा है ?

नगर विधायक ने उक्त विषय विधानसभा में नियम-51 के तहत उठाया और विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विषय को स्वीकार करते सरकार को जबाब देने के लिए निर्देशित किया है।

नगर विधायक ने कहा कि गोरखपुर के ये दसियों हजार पथ विक्रेताओं को कानून और नियमावली बनने के बाद भी अगर अपनी फल/सब्जी/फुटकर सामानों की दुकानें नहीं लगाने दी गई तो आखिर शहर के नागरिक अपने रोज की जरूरत की फल/ सब्जियां कंहा से खरीदेगें और ये पथ विक्रेता अपने परिवार के पचासों हजार लोगों का पेट कैसे भरेगें ? परिवार तो इन्हें किसी भी हालत में चलाना ही है ,व्यवस्था इन्हें अगर ईमानदारी से कमाने नहीं देगी तो ये अपराध कर के परिवार चलायेंगे।

नगर विधायक ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने इनकी पीड़ा समझ कर ही पथ विक्रेता ( जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन ) अधिनियम 4 मार्च 2014 को बनाया । योगी आदित्य नाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 मई 2017 को इसकी नियमावली बना दी। प्रमुख सचिव ने नगर आयुक्त को 26 मई को निर्देशित किया कि 15 अगस्त तक महानगर में सभी वेंडिंग / नान-वेंडिंग जोनों का चिन्हाकन कर ले और 30 अक्तूबर 2017 तक सभी पथ-विक्रेताओं को उनके वेंडिंग जोन बताते हुए परिचय पत्र जारी कर दे ।

नगर विधायक ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरे प्रदेश को छोडियें गोरखपुर में ही नगर आयुक्त आज तक वेन्डिंग जोन का चिन्हाकन तक नहीं कर पाये और उन्होंने पथ विक्रेताओं को उनके वेन्डिंग जोन आबंटित करते हुए परिचय पत्र जारी कर दिया। बेचारे निरीह पथ विक्रेता जब अपने लिये आबंटित वेन्डिंग जोन में दुकानें लगाते हैं तो पुलिस के अधिकारी उनका परिचय पत्र छीन लेते हैं,गाली-गलौज करते हैं,उनके साथ मारपीट करते हैं तथा मुकदमा दर्ज कर के हिरासत में ले लेते हैं।

नगर विधायक ने कहा कि आखिर नगर निगम और पुलिस के अधिकारी ऐसा क्यों कर रहे हैं ? क्या वे सभी लापरवाह और गैरजिम्मेदार हैं या जानबूझकर शासन की छवि खराब कर रहे हैं ? नगर विधायक ने कहा कि ये अधिकारी इन गरीबों को अपराध करने की ओर ढ़केल रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विषय की गम्भीरता को स्वीकार करते सरकार को जबाब देने के लिए निर्देशित किया है ।

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