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मंडी तक नहीं जा पा रहे हैं सब्जी उत्पादक, खराब हो रही हैं हरी सब्जियां

मंडी नहीं पहुँच पाने के कारन बढ़नी गांव में सूख रही मूली

एक सप्ताह बाद भी सब्जी उत्पादकों के लिए पास जारी नहीं कर सका प्रशासन

गोरखपुर। कोरोना महामारी के कारण किए गये देशव्यापी लाॅक डाउन के चलते एक तरफ शहर के लोगों को ताजी सब्जियां नहीं मिल पा रही हैं तो दूसरी तरफ सब्जी उत्पादक अपनी सब्जियों को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। लाॅक डाउन के कारण नजदीकी मंडियों को भी बंद किए जाने से हरी सब्जियां खराब होने लगी हैं। जंगल कौड़िया और भरोहिया ब्लाक के कई गांवों के सब्जी उत्पादक एक सप्ताह से सब्जियों को मंडी तक पहुंचाने की अनुमति मांग रहे हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अभी तक कोई व्यवस्था नहीं कर सके हैं।

भरोहिया ब्लाक के लक्ष्मीपुर के चन्द्र प्रकाश निषाद, संदीप निषाद और रामअशीष, बढ़नी के कमलेश निषाद तथा जंगल कौड़िया ब्लाक के गायघाट के दुर्विजय व चरगांवा ब्लाक के सियारामपुर गांव के कई सब्जी उत्पादकों ने गोरखपुर न्यूज लाइन को बताया कि उनके पास इस समय टमाटर, पत्ता गोभी, पालक, बीन्स, राजमा, धनिया आदि सब्जियां बहुत बड़ी मात्रा में है। इन गांवों के 95 फीसदी किसान आलू और प्याज छोड़ सभी तरह की सब्जियों का उत्पादन करते हैं।

लक्ष्मीपुर गांव के सब्जी उत्पादक टमाटर फेंकने को मजबूर हो रहे हैं

इन गांवों की सब्जियां सीधे गोरखपुर की सब्जी मंडी तक जाती रही हैं। चन्द्र प्रकाश निषाद ने बताया आम दिनों में 10-15 पिकप सब्जी रोज यहां से गोरखपुर जाती थी। इसके अलावा भगवानपुर, जीतपुर और महराजगंज चौराहा स्थित सब्जी मंडी में भी सब्जियां जाती हैं। इंन मंडियों में सब्जी उत्पादक खुद सब्जी लेकर जाते हैं। कई सब्जी उत्पादक साइकिलों पर सब्जिया लेकर मंडी जाते हैं। लाॅकडाउन के कारण एक सप्ताह से सब्जियां मंडी तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

कुछ सब्जी उत्पादक अपनी सब्जियों को लेकर भगवानपुर, जीतपुर, महराजगंज की मंडियों पर गए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत बंद करा दिया। पुलिस के डर से सब्जी उत्पादक मंडी में ही सब्जी छोड़कर भाग गए जिससे उनका भारी नुकसान हुआ। कुछ सब्जी उत्पादक हिम्मत कर पिकप से सब्जी लेकर गोरखपुर गए लेकिन पूरे रास्ते उनसे पुलिस ने कड़ी पूछताछ की। लौटते हुए एक पिकप का चालान भी काट दिया। इस कारण अब कोई पिकप वाला यहां से सब्जी लेकर गोरखपुर जाने को तैयार नहीं है।

भाकपा माले के जिला सचिव राजेश साहनी ने बताया कि उन्हें जब इस क्षेत्र के सब्जी उत्पादकों की समस्या पता चली तो उन्होंने एडीएम फाइनेंस से बात की। उन्होंने इस बारे में सिटी मजिस्टेट और एसडीएम से बात करने को कहा। एसडीएम ने बातचीत में कहा कि बीडीओ से सम्पर्क किया जाय। इन अधिकारियों से बातचीत गुरूवार से शुरू हुई और आज सोमवार तक अफसर सब्जी उत्पादकों की इस समस्या का समाधान नहीं निकाल सके।

सब्जी उत्पादकों ने बताया कि एसडीएम का कहना था कि सब्जियों को जे जाने पर रोक नहीं है। उनके कहने पर वे आज जंगल कौड़िया ब्लाक पर बीडीओ से मिलने गए थे। बीडीओ ने कहा कि उन्हें जिला मुख्यालय से कोई निर्देश नहीं मिला है कि सब्जी उत्पादकों को पास जारी कर सकें। कई सब्जी उत्पादक पास बनवाने के लिए प्रोफार्मा भर कर ले आए थे लेकिन बीडीओ ने कहा कि पास जारी करने का आधिकार एसडीएम को ही है।

पास बनवाने 30 मार्च को जंगल कौड़िया ब्लाक पहुंचे सब्जी उत्पादकों को निराश लौटना पड़ा

सब्जी उत्पादकों का कहना था कि गांव से बाहर निकलने पर पुलिस रोक रही है। उन्हें मंडी तक जाने नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन पास जारी नहीं कर रहा है। आखिर वे क्या करें ? सब्जी उत्पादकों ने कहा कि यदि उन्हें सब्जियों को मंडी तक ले जाने की व्यवस्था नहीं बनायी गयी तो उनकी सब्जियां खराब हो जाएंगी और उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

1 Comment

  • जी क्या जाएगा कोई खरीदने जाओ तो मार खाओ बेचने जाओ तो मार खाओ और ऊपर के अधिकारियों से बोलो कोई जवाब नहीं मिलता अब तो korona के साथ साथ भूख से भी मरेंगे लोग

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