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नेपाल से सहमति मिलने के बाद गंडक बराज पर मरम्मत का कार्य शुरू

गंडक बराज

कुशीनगर. नेपाल ने अपने हिस्से में पड़ने  वाली गंडक बराज के दाहिने तरफ बने तटबंध में बने एफ्लक्स बांध की मरम्मत और रखरखाव की अनुमति दे दी है. अनुमति मिलने के बाद नारायणी नदी (गंडक नदी) पर बने वाल्मीकि नगर गंडक बराज पर मंगलवार को मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है।

गंडक नदी पर बने पुल के साथ बराज से नेपाल समेत भारत के बिहार तथा यूपी के कई जिलों में बिछाई गई नहरों में जल की आपूर्ति होती है जिसमें पश्चिमी गंडक नहर से महाराजगंज , गोरखपुर , कुशीनगर , देवरिया जिले को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है। इसमे मुख्य गंडक नहर का 33 किलोमीटर का हिस्सा कुशीनगर जिले में पड़ता है | इसके खजूरिया, खसरारी समेत पांच शाखा नहर , 23 रजवाहा तथा 199 माइनर निकली हुई है. लगभग 1600किलोमीटर में फैली नहर है. कुशीनगर में सिंचाई का प्रमुख साधन है. इन के माध्यम से किसान कम लागत में फसलों को भरपूर पानी देकर अच्छी उपज लेते हैं. इसके लिए बिहार राज्य के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार और बातचीत जारी रखी थी।

कोरोना लाकडाउन के बाद नेपाल से सहमति नहीं मिलने के बाद एफ्लक्स बांध और बराज की फाटकों की मरम्मत का कार्य नहीं हो पा रहा था.

बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर नेपाल द्वारा मरम्मत कार्य पर रोक लगाने की सूचना दी थी .

नेपाल की सहमति  मिल जाने से जल संसाधन विभाग बाल्मीकि नगर के  कार्यपालक अभियंता मोहम्मद जमील अहमद, सहायक अभियंता विकास कुमार, गंडक बराज एसएसबी कंपनी के निरीक्षक कालिदास भूअर्जुन और जनसंपर्क विभाग के अधिकारी तारा सिंह, नेपाल कस्टम अधिकारी विकास कुमार के बीच बातचीत हुई. तय हुआ कि जो कर्मचारी नेपाल के 18 से लेकर 36 फाटक और एफलक्स बांध की मरम्मत करेंगे उनको कोविड-19 का प्रमाण पत्र देना होगा.

गंडक बराज पर कुल 36 फाटक हैं. इनमें से 17 फाटक तक का हिस्सा भारत में पड़ता है इस हिस्से में राज्य के जल संसाधन विभाग के विभाग ने बार सुरक्षात्मक कार्य पूरा कर लिया है और लगातार गस्ती भी शुरू कर दी है. बड़ी समस्या नेपाल के इलाके में पड़ने वाले 18 से 36 तक के फाटक को लेकर थी. नेपाल में लॉकडाउन लागू होने की वजह से वहां के अधिकारियों ने इस हिस्से में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य का अनुमति नहीं दी थी. इसको लेकर दोनों देश के अधिकारियों में कई दौर की वार्ता हुई. तब जाकर नेपाल के अधिकारियों ने मंगलवार के दिन से एफ्लक्स बांध सहित गंडक बराज के 18 वें फाटक से लेकर 36 में फाटक तक की मरम्मत कार्य शुरू करने की अनुमति दे दी है.

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