लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संविदा पर कार्यरत प्रदेश की लगभग 16000 हजार एएनएम के 7 सूत्रीय मांगपत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संविदा पर कार्यरत महिला स्वस्थ्य कार्यकर्ताओं ने आपदाकाल में और इसके पूर्व इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के लिए वैक्सीनेशन अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उसकी भूरि भूरि प्रशंसा किये जाने के साथ उनकी समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जाना चाहिए।
उंन्होने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ को उनके वार्षिक अनुभव के आधार पर 3 अंकों के स्थान पर 5 अंक देने के साथ उनकी गृह जनपदों में तैनाती सुनिश्चित किया जाना चाहिए जिससे उनकी स्वास्थ्य सम्बन्धी दी जा रही सेवाओ का और अधिक लाभ जनमानस को प्राप्त हो सके।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी नियमित पदों पर साक्षात्कार व परीक्षा हेतु अनुमति देने के साथ नियमित पद पर समायोजित होने तक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का न्यूनतम वेतन रु. 25,000 प्रतिमाह करना आवश्यक है जिससे उनके परिवार के भरण पोषण में किसी तरह की बाधा न आये। कोविड संक्रमण से मृत होने वाली संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के परिजनों को आर्थिक सहायता सहित देने के साथ न्यूमतम 50 लाख रुपये का बीमा कवच प्रदान किया जाना मानवीय व न्याय की दृष्टि के आधार पर उचित होगा, क्योंकि जिस तरह इन्होंने कठिन श्रम करते हुए इंसेफेलाइटिस, जापानी बुखार के समय अमूल्य योगदान करने के साथ कोविड-19 से लोगों के बचाव के लिए टीकाकरण, कोविड पॉजिटिव मरीजों का सर्वे और उनकी देखभाल के लिए कार्यशील रही हैं उससे उनकी आवश्यकता व महत्व को स्वीकार करते हुए सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वेतन के 25 प्रतिशत धनराशि का प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ के संगठन द्वारा लगातार दिए जा रहे ज्ञापनों व मांग पत्रों पर गम्भीरता पूर्वक विचार करना अतिआवश्यक है।
श्री अजय कुमार लल्लू ने पत्र में कहा है कि इस सदी के भीषण महामारी के संकटकाल में प्रदेश की सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी अग्रिम पंक्ति का योद्धा मानते हुए तत्काल सहायता और प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है, ताकि सदी के भीषणतम संकटकाल में इनके योगदान को मान्यता मिल सके और यह सभी स्वस्थ्य कार्यकर्ता भरपूर ऊर्जा के साथ यह एक योद्धा की भांति इंसानी जानों को बचाने के लिये चल रहे अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका आत्मविश्वास के साथ निभा सकें।
