गोरखपुर। दिशा छात्र संगठन ने परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ़ 24 जून को गोरखपुर विश्वविद्यालय मेन गेट पर विरोध-प्रदर्शन किया।
इस मौके पर दिशा छात्र संगठन की अंजली ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना सहित देश के हर राज्य में अंधाधुंध पेपर लीक हो रहे हैं और परीक्षाओं में धांधली हो रही है। नीट के परीक्षा में हुयी धांधली आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ी धांधली है। यह केवल मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अन्याय नहीं हैं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली बात है। इस तरह यूजीसी नेट की परीक्षा को पर्चा लीक की वजह से रद कर दिया गया और नीट पीजी तथा सीएसआईआर यूजीसी नेट की परीक्षा को टाल दिया गया। ख़बर है की मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा का भी पर्चा लीक हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह अचानक से होने वाली कोई घटना नहीं है बल्कि मामला काफ़ी बड़ा और गहरा है। पिछले सात वर्षों में 80 से ज़्यादा पर्चे लीक हो चुके हैं, दर्ज़नों परीक्षाओं को टाला जा चुका है और दर्ज़नों मामलों में छात्र सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के चक्कर काट रहे हैं । एक अनुमान के मुताबिक़ पिछले सात सालों में पर्चा लीक और परीक्षाओं में धाँधली की वजह से 1 करोड़ 80 लाख से ज़्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं और लाखों छात्र अवसाद और निराशा में आत्महत्या तक के क़दम उठा रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर हो रही धाँधली के बाद भी जाँच के नाम पर केवल लीपापोती ही की है।
दिशा छात्र संगठन के अविनाश ने कहा देश भर में लगातार हो रहे पर्चे लीक की असली वजह सरकार की पूॅंजीपरस्त नीतियां तथा एनटीए और सरकार की लापरवाही है। शायद ही किसी प्रतियोगी छात्र को किसी परीक्षा में धाॅंधली न होने या पेपर लीक न होने का भरोसा बचा हो। इसलिए आज जरूरत है कि तात्कालिक तौर पर हमें एक समान निःशुल्क शिक्षा और रोज़गार की गारण्टी, पारदर्शी परीक्षा के लिए और उदारीकरण-निजीकरण की नीतियों को रद्द करवाने के देशव्यापी संघर्ष में उतरना होगा।
कार्यक्रम में धर्मराज, दीपक, माया, मुकेश, पलक, आकृति, अभिनव आदि लोग शामिल रहें ।
