देवरिया। एक अधिवक्ता की जमीन पर सड़क बना देने के मामले को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी से मिलने गए डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी के बीच कहासुनी हो गयी। श्री गिरी ने आरोप लगाया कि डीएम ने उनके व एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद बडी संख्या में अधिवक्ता डीएम कार्यालय के सामने एकत्र हो गए और आक्रोश प्रकट करने लगे। कुछ ही देर में भारी पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। अधिवक्ता संगठनों ने करते हुए डीएम के तबादले की मांग करते हुए उनके न्यायालय का बहिष्कार करने की घोषणा की है। अधिवक्ता 20 जून को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
डिस्टिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी, सचिव अजय कुमार उपाध्याय, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवारी, पूर्व सचिव मनोज कुमार मिश्र 19 जून को जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह से मिलने गए थे। उनके साथ बरहज क्षेत्र के पुरैना शुक्ल निवासी अधिवक्ता जयशिव शुक्ल भी थे। जयशिव शुक्ल की जमीन पर (300 कड़ी लम्बाई और 10 कड़ी चौड़ाई ) में सड़क बना दी गई है।
श्री शुक्ल न्याय की मांग को लेकर छह महीने से अधिकारियों के आफिस की दौड़ लगा रहे हैं। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि अधिवक्ता की जमीन पर सड़क बना दी गयी है फिर भी कोई कार्यवाही से बच रहे हैं।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी का आरोप है कि इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान डीएम ने उनके व सहयोगियों के साथ दुर्व्यवहार किया और चेम्बर से निकल जाने के लिये कहा।

जब इस घटना की जानकारी अधिवक्ताओं को हुई तो वे डीएम कार्यालय के पास जुट गए और आक्रोश प्रकट करने लगे। यह देख प्रशासन ने पुलिस बल बुला लिया। एसपी संकल्प शर्मा भी वहां पहुंच गए।
बाद में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने बैठकर कर प्रस्ताव पारित कर 20 जून को न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की। अधिवक्ता संगठनों ने कहा कि जब तक डीएम का तबादला नहीं हो जाता वे डीएम न्यायालय का बहिष्कार करेंगे।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में डीएम की निंदा करते हुए उनके अविलम्ब स्थानान्तरण की माँग की गयी। कहा गया कि जब तक डीएम का ट्रान्सफर नही होगा तब तक संघ उनके न्यायालय में कार्य नहीं करेगा। दीवानी न्यायालय में 20 जून को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेगे।
जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष संजय कुमार मिश्र के अध्यक्षता में हुई। बैठक में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार की निंदा की गयी और 20 जून को न्यायिक कार्य से विरत रहने और जिलाधिकारी के न्यायालय का तब तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया जब तक कि उनका तबादला न हो जाए।
