लोकसभा चुनाव 2024

सलेमपुर के भाजपा प्रत्याशी का आरोप-राज्य मंत्री और बलिया के भाजपा जिलाध्यक्ष ने हरवाया चुनाव

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में करारी हार के बाद भाजपा और उसके नेताओं में आपसी कहासुनी का दौर थम नहीं रहा हैं। मुजफ्फरनगर, रॉबर्ट्सगंज के बाद पूर्वांचल की सलेमपुर सीट पर हार को लेकर भाजपा में रार मची है। यहां से हारे भाजपा प्रत्याशी रवीन्द्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सलेमपुर की भाजपा विधायक एवं मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम तथा बलिया के भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव ने उन्हें हराने का हर संभव प्रयास किया। इन आरोपों पर राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और भाजपा जिलाध्यक्ष ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से मना किया है और कहा है कि हार के कारणों की संगठन समीक्षा कर रहा है।

रवीन्द्र कुशवाहा 2014 और 2019 में सलेमपुर से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। भाजपा ने इस चुनाव में भी उन्हें प्रत्याशी बनाया था। रवीन्द्र कुशवाहा सपा प्रत्याशी रमाशंकर राजभर से कड़े संघर्ष में 3573 मतों से पराजित हो गए।

चुनाव के दौरान भाजपा के अंदर रवीन्द्र कुशवाहा को लगातार तीसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध हो रहा था। श्री कुशवाहा पर निष्क्रियता, कार्यकर्ताओं व क्षेत्र के लोगों से सम्पर्क न रखने का आरोप लगाया जा रहा था।

चुनाव परिणाम के दो सप्ताह बाद पूर्व सांसद रवीन्द्र कुशवाहा ने 17 जून की शाम अचानक पत्रकार वार्ता बुलायी। पत्रकार वार्ता में उन्होंने अपनी हार के लिए राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी और बलिया के भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया।

सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में देवरिया जिले की दो विधानसभा-भाटपाररानी व सलेमपुर तथा बलिया जिले की तीन विधानसभा-बेल्थरा, सिकंदरपुर और बांसडीह आते हैं। बलिया जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव सिकंदरपुर के विधायक रह चुके है।

पूर्व सांसद रवीन्द्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव शुरू से मेरे खिलाफ कार्य कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मेरे खिलाफ भड़काया। मंडल अध्यक्षों से कहा कि भाजपा को वोट नहीं करना है। वे भाजपा का जिलाध्यक्ष रहते सपा के एजेंट के बतौर कार्य कर रहे थे। वे वर्ग विशेष के लिए कार्य कर रहे थे। अपनी जाति के लोगों को बढावा दिया। ऐसे व्यक्ति को एक क्षण जिलाध्यक्ष नहीं रहने देना चाहिए।

उन्होंने राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम पर आरोप लगाया कि वे प्रचार के लिए एक दिन भी नहीं निकली। उन्होंने अपने लोगों से मेरा विरोध कराया। मेरे खिलाफ वोट कराया।

श्री कुशवाहा ने यह भी कहा कि घोसी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रत्याशी अरविंद राजभार की हार से स्पष्ट हो गया है कि ओम प्रकाश राजभर की अपने समाज पर पकड़ खत्म हो गयी है।

पूर्व सांसद का कहना था कि इस चुनाव में कोई मुद्दा नहीं था। यह मुद्दा विहीन चुनाव था। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनका पूरा साथ दिया। इसलिए वे कडे संघर्ष में मामूली अंतर से हारे। उन्होंने कहा कि उन्हें हराने का षडयंत्र करने वालों के खिलाफ कार्यवाही का निर्णय पार्टी को करना है।

गोरखपुर न्यूज लाइन से बात करते हुए पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने कहा कि उनको जो कहना था, पत्रकार वार्ता में कह दिया। अब उससे अधिक कुछ नहीं कहना है। अब पार्टी को निर्णय करना है। यह कहे जाने पर आपके खिलाफ कहा जा रहा है कि क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहे जिसके कारण हार हुई, श्री कुशवाहा ने कहा कि यह बात झूठ है। मैं क्षेत्र में सक्रिय रहा। संसद सत्र के दौरान ही दिल्ली रहता था। संसद सत्र खत्म होते ही अपने क्षेत्र में आ जाता था और लोगों के सम्पर्क में रहता था।

पूर्व सांसद के आरोपों के आरे में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव से जब सम्पर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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