कुशीनगर। कसया थाना क्षेत्र के चकदेइयां गांव में हरिशंकर वर्मा की मौत को परिजन खुदकुशी नहीं मान रहे हैं। परिजनों की आशंका है कि हरिशंकर वर्मा की हत्या कर शव को छत के कुंडे से लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया गया है।
चकदेइयां निवासी अनुबंधित बस चालक हरिशंकर वर्मा का शव एक सितम्बर की शाम को अपने घर में छत के कुंडे से लटकता पाया गया था। खबर आयी कि आर्थिक तंगी, माइक्रोफाइनेंस कम्पनियों के कर्जे से वे अवसाद में थे। इस कारण उन्होंने खुदकुशी कर ली।
जिस समय घटना हुई उस समय हरिशंकर वर्मा घर पर अकेले थे। उनकी पत्नी रंजू वर्मा अपने पुत्र अमन, पुत्री अंजली व नीतू के साथ दो महीने पहले गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित अपने भाई के घर गयी थीं। घटना की जानकारी होने पर वे दिल्ली से घर लौटे।
हरिशंकर वर्मा वाहन चालक थे। उन्होंने ढाई साल पहले दिल्ली में गाड़ी चलायी थी। बाद में उन्होंने डम्पर भी चलाया था। डेढ महीने से परिवहन निगम से अनुबन्धित बस में चालक के बतौर काम कर रहे थे।
हरिशंकर के बेटे अमन वर्मा ने गोरखपुर न्यूज लाइन से बताया कि 31 अगस्त की रात करीब नौ बजे उसकी पिता से मोबाइल पर बात हुर्ह थी। पिता ने बताया कि घर के सामने रहने वाले लोगों ने उन्हें मारा-पीटा था और फिर मारने की तैयारी कर रहे हैं। इस परिवार से कुछ दिन पहले हरिशंकर वर्मा का विवाद हो गया था। अमन वर्मा ने अपने पिता से कहा कि वह घर के अंदर ही रहें और बाहर न जाएं। अमन के मुताबिक पिता ने कहा कि खाना नहीं बनाया है और वे भूखे हैं। तब अमन ने जोमाटो से उनके लिए खाने का आर्डर कर दिया। जब डिलीवरी करने वाला घर पहुंचा तो दरवाजा नहीं खुला। अमन ने पिता को मोबाइल मिलाया तो उठा नहीं। उसने पड़ोस में रहने वाली एक महिला को कहा कि घर जाकर देखे। महिला ने भी घर पहुंचकर आवाज लगायी लेकिन घर का दरवाजा नहीं खुला।

अमन ने बताया कि मोबाइल नहीं उठने से सभी लोग परेशन हो गए। अगले दिन भी जब पिता से बात नहीं हो पायी तो उसने अपने एक दोस्त को घर भेजा। दोस्त को घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। बगल से जाकर जब उसने खिड़की से झांका तो हरिशंकर का शव छत की कुंडी से लटकता दिखायी दिया। उसने अमन को पूरी बात बतायी। अमन ने ग्राम प्रधान को फोन किया और फिर 112 नवम्बर पर फोन कर पुलिस को जानकारी दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता की मौत की जानकारी मिलते ही अमन अपनी मां और बहनों के साथ गांव के लिए चल दिया और अगले दिन वे गांव पहुंच गए।
अमन ने कहा कि घर के हालात बता रहे हैं कि पिता ने खुदकुशी नहीं की है बल्कि उनकी हत्या की गई है। जिस कमरे में हरिशंकर वर्मा का शव मिला उस कमरे में रखी आलमारी का शीशा टूटा हुआ था। कांच पूरे कमरे में बिखरे हुए थे। हरिशंकर वर्मा के गले में जो कपड़े का जो फंदा मिला वह बेहद कमजोर था और उससे लटककर खुदकुशी करना मुनासिब नहीं है। हरिशंकर के दोनो पैर घुटने से मुड़े हुए थे। उनका मोबाइल भी गायब है।
18 वर्षीय अमन के मुताबिक घर से कोई सामान गायब नहीं हुआ है। उसके अनुसार उसके घर के सामने रहने वाले परिवार से पिता का झगड़ा हुआ था। सामने रहने वाले परिवार की महिलाओं ने बिना पूछे उसके घर के पीछे से अरूई का पत्ता तोड़ लिया। इस बारे में पूछने पर बहस हुई और उन लोगों ने पिता की जम कर पिटाई कर दी। उस वक्त घर पर कोई नहीं था। इसके पहले उनके घर की दीवार से सटे पानी बहाने को लेकर भी गांव के एक परिवार से विवाद हुआ था। यह सभी बातें पुलिस को बतायी गयी हैं लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। हम घर में अकेले पुरूष हैं। अत्येष्टि के बाद सभी क्रिया कर्म कर रहे हैं। हमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिली। सब काम छोड़कर एसपी कार्यालय गया तब पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। हमारी स्थिति ऐसी नहीं है कि हम दौड़भाग कर सकें। हम चाहते हैं कि पुलिस पूरी जांच पड़ताल कर सच को सामने लाए।
कर्ज के बारे में पूछने पर अमन ने स्वीकार किया कि चार माइक्रोफाइनेंस कम्पनियों का कर्ज था जिसका किश्त करीब दस हजार आता था। हम धीरे-धीरे कर्ज चुका रहे थे। हमें नहीं लगता कि इस कारण पिता ने अपनी जान दी। मौके की स्थितियां, फोटो व वीडिया हत्या की गवाही दे रहे हैं।