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सिपाही के समर्थन में प्रदर्शन करने आए रिटायर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को साढे चार घंटे नजरबंद रखा गया

गोरखपुर। डाॅक्टर-सिपाही विवाद में सिपाही पंकज कुमार की एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर 15 अक्टूबर को कैंट थाने के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे रिटायर आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने करीब साढे चार घंटे सिंचाई गेस्ट हाउस में नजरबंद रखा और बाद में गोरखपुर रेलवे स्टेशन ले जाकर लखनउ जाने वाली ट्रेन में बिठा दिया। इस दौरान उन्हें सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस से बाहर निकालने की भी कोशिश हुई। पुलिस ने उनके खिलाफ कैंट थाने में सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस भी दर्ज किया है।

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डॉक्टर- सिपाही विवाद में सिपाही की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं होने की स्थिति में 15 अक्टूबर को कैंट थाने के सामने अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। प्रदर्शन करने के लिए वह 15 अक्टूबर की सुबह ट्रेन से गोरखपुर आए और वहां से सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे। उनके नाम से यहां एक कक्ष आवंटित था। कुछ देर में उनसे कहा गया कि उनका कमरे का आवंटन किया ही नहीं गया था।  इसलिए वे वहां से जाएं।

इसी बीच सीओ कैंट और इंस्पेक्टर कैंट के नेतृत्व में वहां पुलिस पहुंच गयी। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद आजाद अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं को हटा दिया। श्री ठाकुर से कहा गया कि वे गेस्ट हाउस से बाहर नहीं जा सकेंगे। उन्हें नजरबंद किया जा रहा है।
करीब साढे चार घंटे तक श्री ठाकुर गेस्ट हाउस के कमरे में अकेले बैठे रहे।

श्री ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने उन्हें लगभग 4.30 घंटे तक अवैध नजरबंदी की स्थिति में रखा।इसके बाद दोपहर ढाई बजे अपनी अभिरक्षा में गोरखपुर रेलवे स्टेशन ले आई है और लखनऊ जाने वाली ट्रेन में बैठा कर लखनऊ रवाना कर दिया।

उन्होंने कहा कि उच्चस्तरीय राजनीतिक दबाव में उन्हें पहले गेस्ट हाउस से बाहर निकालने का प्रयास किया गया और फिर उन्हें साढ़े चार घंटे नजरबंद रखने के बाद लखनउ रवाना कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि वे अपनी रणनीति लखनऊ जाकर तय करेंगे। उनकी पार्टी सिपाही का एफआईआर दर्ज होने तक इस मामले में लगी रहेगी और आज उनके साथ हुए विधि विरुद्ध कार्यों के संबंध में भी विधिक कार्रवाई करेगी।