स्वास्थ्य

निक्षय मित्र योजना : भटहट सीएचसी चिकित्सकों, स्टॉफ और सीएचओ ने 71 मरीजों को गोद लिया

गोरखपुर। टीबी के उपचाराधीन मरीजों को गोद लेकर पोषण में सहयोग, मानसिक संबल देने और योजनाओं का लाभ दिलवाने से संबंधित निक्षय मित्र योजना में भटहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस केंद्र के चिकित्सकों, स्टॉफ और सत्रह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने 71 टीबी उपचाराधीन मरीजों को एक साथ गोद लिया है।

जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी (डीटीओ) डॉ गणेश यादव ने बताया कि जिले की अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को भी एडॉप्शन का भटहट मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ।

डीटीओ डॉ यादव ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे के दिशा निर्देशन में निक्षय मित्र योजना से सरकारी व गैर सरकारी संगठनों, जनप्रतिनिधियों और समाज के अलग अलग वर्गों के लोगों को जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न वर्गों के लोग और कई संस्थाएं जन्मदिन, पुण्यतिथि और स्थापना दिवस जैसे मौकों पर नये उपचाराधीन टीबी मरीजों को गोद ले रही हैं। गोद लेने वाले मरीज को इलाज चलने तक प्रति माह पोषण संबंधी सहयोग देने के साथ साथ लगातार फॉलो अप करना है ताकि उसकी दवा नियमित तौर पर चलती रहे। टीबी मरीज की दवा बीच में बंद होने पर जटिलताएं बढ़ जाती हैं। टीबी उपचारीधीन मरीजों को यह विश्वास भी दिलाना है कि नियमित दवा सेवन से वह ठीक हो जाएंगे। पात्र मरीजों और उनके परिजनों को सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक योजनाओं जैसे पीएम आवास, पेंशन, आयुष्मान भारत योजना आदि से जोड़ने में भी निक्षय मित्र मदद कर करते हैं। इसी कड़ी में भटहट सीएचसी पर 71 लोगों ने कुल 71 टीबी मरीजों को गोद लिया है।

भटहट सीएचसी के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (एसटीएस) सद्दाम हुसैन ने बताया कि टीबी उपचाराधीन 53 पुरुष और 18 महिलाएं गोद लिए गए हैं। यह सभी कमजोर आय वर्ग के हैं और ज्यादातर छोटे किसान या मजदूर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें पांच मरीज बाल श्रेणी के हैं। सीएचसी के अधीक्षक डॉ अविनाश सिंह के नेतृत्व में पूरे एक माह तक पूरी सीएचसी का संवेदीकरण किया गया, जिससे लोगों ने निक्षय मित्र बनने के प्रति उत्साह दिखाया। गुरूवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह, एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, डिप्टी सीएमओ डॉ अश्वनी चौरसिया, भाजपा नेता संजय सिंह और चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रशांत ने सीएचसी की तरफ से टीबी उपचाराधीन मरीजों को पोषण पोटली सौंपा।

प्रत्येक मरीज का रखेंगे ध्यान

निक्षय मित्र और भटहट सीएचसी के डेंटल हाइजिनिस्ट प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सीएचसी के सभी निक्षय मित्रों ने संकल्प लिया है कि वह ठीक होने तक गोद लिये गये मरीजों का फॉलो अप करेंगे। सभी मरीजों को पोषण पोटली में भुना चना, सोयाबीन, अरहर दाल, मूंगफली दाना, गुड़, कच्चा चना, किसमिस, सेब और केला दिया गया है। आगे भी यथासंभव पोषण सामग्री प्रदान की जाएगी।

1000 रुपये मिलेगी प्रोत्साहन राशि

एसीएमओ आरसीएच ने उपस्थित लोगों को बताया कि टीबी के इलाज में पोषण की महत्ता को देखते हुए ही निक्षय मित्र योजना चलाई जा रही है। पोषण से भरपूर खानपान से मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं। सरकार ने भी एक नवम्बर से पोषण के लिए प्रति माह 500 की दर से मिलने वाली धनराशि बढ़ा कर 1000 रुपये कर दिया है।

एसटीएस ने बताया कि डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ नॉविल रोज, चिकित्सा अधिकारी डॉ शिप्रा राज, डॉ सीबी शर्मा, डॉ एजाज अहमद, डॉ दिनेश साहनी, पीपीएम समन्वयक एएन मिश्रा, मिर्जा आफताब बेग, एचईओ कमलेश्वर सिंह, प्रकाश श्रीवास्तव, रतनलाल श्रीवास्तव, डीडी भारतीय, मुरलीश्याम, संजय कुशवाहा, मनोज, संदीप सिंह, राकेश चौधरी, आरती त्रिपाठी, राकेश गौंड, सौम्या श्रीवास्तव, सुख सागर, पिंटू और अमीरुन्निशा का इस पहल में विशेष योगदान रहा है।

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