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‘ लोगों में नागरिक बोध खत्म करने का प्रयास कर रही है सरकार ’

गोरखपुर। संविधान दिवस पर 26 नवंबर को आरक्षण बचाओ शोध छात्र संघर्ष समिति और सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान परिषद के संयुक्त तत्वाधान में  ‘ वर्तमान परिदृश्य में संविधान के सामने चुनौतियां ‘ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी में आरक्षण बचाओ शोध छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष भास्कर चौधरी ने संविधान दिवस पर सभी बधाई देते हुए कहा कि संविधान हम भारतीयों के जीवन जीने का मुख्य आधार है। इसलिए संविधान को प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने और समझने की आवश्यकता है। बिना पढ़े हम संविधान के समक्ष आने वाली चुनौतियों को दूर नहीं कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता तथा सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थान परिषद के सदस्य सूर्य प्रताप ने नागरिक बोध पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार लोगों में नागरिक बोध खत्म करने का प्रयास कर रही है। लोगों को कृत्रिम मुद्दों में उलझा रही है। इससे लोगों की बुनियादी समस्याएं कृत्रिम समस्याओं के आगे छोटी पड़ जा रही ही। यह इसलिए किया जा रहा कि लोग अपने बुनियादी सवाल जैसे कि शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के मुद्दे न उठा पाएं।

आरक्षण बचाओ शोध छात्र संघर्ष समिति के सदस्य सौरभ ने कहा कि समाज के हर तबके का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए जो कि वर्तमान सरकार में नहीं हो पा रहा है। वर्तमान समय में संविधान के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यदि  निचले तबके का प्रतिनिधित्व हो तब जाकर संविधान के मूल मायने सार्थक होंगे।

संगोष्ठी में मुन्ना भारती, अंकुर कुमार गौतम ,अमित कुमार ,अर्पित यादव ,पृथ्वी पाल ,दुर्गेश कुमार गौतम ,साक्षी मौर्य, संजीव कुमार ,ऋषि कुमार, विद्यासागर, प्रकाश राव, सनी कुमार आदि उपस्थित थे।

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