गोरखपुर। शास्त्री नगर में नौ मार्च को ओबीसी पार्टी द्वारा आयोजित “जन संसद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जाति जनगणना, आबादी के अनुसार भागीदारी देने और मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि ओबीसी, एससी, एसटी और माइनॉरिटी समाज को अब सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनना होगा। उन्होंने कहा कि ओबीसी पार्टी देश की पहली ऐसी पार्टी है जो शत प्रतिशत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि अब भी हमें अपने हिस्से की भागीदारी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस जन संसद में जाति जनगणना, आबादी के अनुसार भागीदारी देने और मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। ओबीसी पार्टी ने स्पष्ट किया कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के सिद्धांत को लागू किए बिना सामाजिक न्याय अधूरा है। पार्टी ने सरकारी और निजी क्षेत्रों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने, शिक्षा और रोजगार में उनके लिए अवसर बढ़ाने और बहुजन समाज की आवाज को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष योजनाओं को आरंभ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जन संसद के दौरान ओबीसी पार्टी के सदस्यता अभियान को भी आगे बढ़ाया गया, जिसमें 253 नए सदस्यों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि ओबीसी पार्टी का संकल्प है कि वह सामाजिक न्याय, समानता और बहुजन समाज के हक की लड़ाई को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि ओबीसी पार्टी का यह जन संसद कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि समाज में अपने हक-अधिकार को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और लोग सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में आगे आने के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम को प्रमुख रूप से कार्यक्रम संयोजक सर्वेश गुप्ता, मनीष गुप्ता, अजीत शर्मा, सुभाष जायसवाल, सूरज जायसवाल, प्रियंका शर्मा, शंभू शर्मा, शिव प्रताप शर्मा, रवि जायसवाल, विशाल गुप्ता, जनार्दन चौहान, आसाराम गुप्ता, सुनील जायसवाल, हौसला प्रसाद शर्मा, अमित निषाद, विजय निषाद, परमेंद्र शर्मा आदि ने अपने विचार व्यक्त किया.