कुशीनगर। लोक संस्कृति के जन पक्षधर सशक्त रूप के सामने लाने के उद्देश्य से वर्ष 2008 से जोगिया जनूबी पट्टी गाँव में शुरू हुआ लोकरंग का 18 वां संस्करण 11-12 अप्रैल को आयोजित होगा। इस वर्ष दर्शकों को भोजपुरी लोक गीत , लोक नृत्य के साथ -साथ उत्तराखंड का गढ़वाल और कुमाऊंनी और असम के कार्बी-आंगलोंग आदिवासी समुदाय का लोक नृत्य तथा मध्य प्रदेश का गुडुम्ब बाजा नृत्य देखने को मिलेगा। विश्वप्रसिद्ध कबीर गायक, पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपानिया, का मालवा शैली में कबीर गायन भी सुनने को मिलेगा।
लोकरंग 2025 का उद्घाटन देश के जाने-माने वैज्ञानिक और शायर गौहर रजा करेंगे। कार्यक्रम 11 अप्रैल की रात्रि 8ः30 बजे से शुरु होगा। गांव की महिलाएं गारी गायन से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत करेंगी। आरा ( बिहार ) के राजू रंजन अपने जनगीतों के साथ उपस्थित होंगे तो नैनीताल, उत्तराखण्ड से ‘नई दिशाएं समिति’ के लोक कलाकार गढ़वाली लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देंगे। विश्व के सुप्रसिद्ध कबीर गायक, पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपानिया, मालवा शैली में कबीर गायन करेंगे। असम के कार्बी-आंगलोंग आदिवासियों द्वारा ‘रितनांग चिंगड़ी डांस’ प्रस्तुत किया जायेगा। ईप्टा पटना की टीम पहली रात असगर वजाहत लिखित नाटक ‘ वीरगति ‘ का मंचन करेगी। इसके निर्देशक तनवीर अख्तर होंगे।
लोकरंग के दूसरे दिन, 12 अप्रैल को सुबह 11 बजे से ‘ लोकसंस्कृति, मिथक और विज्ञान ’ विषय पर विचार गोष्ठी होगी जिसमें देश के प्रमुख साहित्यकार-लेखज-संस्कृतिकर्मी भाग लेंगे जिसमें जाने माने कवि प्रो. दिनेश कुशवाह, कोलकाता से डाॅ. आशा सिंह, इलाहाबाद से डाॅ. अर्पिता चौधरी, फैजाबाद से प्रो. अनिल सिंह, बनारस से डाॅ. रवि शंकर, डाॅ. महेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, अरुणाचल प्रदेश से डाॅ. मोतीलाल, और लखनऊ से बी.आर विप्लवी आदि प्रमुख हैं।
दूसरी रात का सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिहार की लोक शैली पुरबी, निर्गुण और बिदेशिया की प्रस्तुति आरा के राजू रंजन करेंगे। कुशीनगर की फरुवाही की प्रस्तुति रामवृक्ष कुशवाहा की टीम करेगी तो गौरी बाजार की सद्गुरु कबीर भजन मंडली द्वारा निर्गुन गायन की प्रस्तुति होगी। असम की कर्बी आंगलोंग आदिवासी ग्रुप द्वारा निमसो केरुंग डांस प्रस्तुत किया जायेगा। जबलपुर के ‘आदिवासी गोंड एवं धूलिया जनजाति लोकनृत्य ग्रुप’ द्वारा गुडुम्ब बाजा नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। नैनीताल की टीम, ‘नई दिशाएं समिति’ दूसरी रात्रि में कुमाऊंनी लोक नृत्य प्रस्तुत करेगी। मुम्बई से आ रही टीम-‘कहानीबाज थिएटर सोसाइटी’ द्वारा ‘उजबक राजा तीन डकैत’ नाटक प्रस्तुत किया जायेगा, जिसके लेखक अलखनन्दन और निर्देशक मोहन सागर हैं।
लोकरंग परिसर और मंच को कलाग्राम में परिवर्तित करने का काम, पूर्व की भांति गाजीपुर की संभावना कला मंच द्वारा किया जायेगा, जिसके नेतृत्वकर्ता, डाॅ. राजीव गुप्त और सुधीर कुमार सिंह होंगे।