देवरिया। संयुक्त किसान मोर्चा, उत्तर प्रदेश के राज्यव्यापी आह्वान पर उ.प्र.किसान सभा, चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति , क्रांतिकारी किसान सभा, समान शिक्षा अधिकार मंच ,राष्ट्रीय विकास मोर्चा ,राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच ,राष्ट्रीय समानता दल, खेत मजदूर-किसान मंच आदि किसान संगठनों ने बिजली के निजीकरण के खिलाफ नारे लगाते हुए जुलूस निकाला और उप जिलाधिकारी देवरिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
किसान नेताओं ने कहा कि बिजली आज आम जीवन की जरूरत और देश के विकास का आधार है। रोटी, कपड़ा और मकान की तरह आज हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और पर्याप्त बिजली देना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इस जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते हुए बिजली को निजी हाथों में सौंपने की जल्दी में हैं। संविधान दिवस पर सस्ती बिजली के अधिकार से वंचित करते हुए दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल निगमों के निजीकरण का राज्य सरकार ने जनविरोधी कार्य किया। संयुक्त किसान मोर्चा 4 दिसंबर, 2024 से ही इस फैसले का विरोध कर रहा है। बिजली कर्मचारियों ने भी इस फैसले के विरोध में मोर्चा खोल रखा है।

संयुक्त किसान मोर्चा को पूरा संदेह है कि निजी कम्पनियां बिजली से मुनाफा कमाने के लिए बिजली के मनमाने रेट बढायेंगी। उ.प्र. सरकार द्वारा 45 फीसदी बिजली के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव बिजली कम्पनियों को मनमाने रेट वसूलने की छूट देने की तैयारी है। बिजली विभाग के घाटे का जो तर्क दिया जा रहा है वह आधारहीन है। करीब 19,600 करोड़ रूपए का घाटा बढ़ा -चढा़कर दिखाया गया है। जबकि 72 हजार करोड रू से अधिक के बिजली बिल सरकारी विभागों और बडे़-बडे़ उपभोक्ताओं पर बकाया पडे हैं। उन्हें वसूला जाना चाहिए। बिजली के निजी क्षेत्र में जाने से आम आदमी के बिजली का उपयोग करना दुर्लभ हो जायेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के ज्ञापन में दक्षिणांचल और पूर्वांचल निगमों के निजीकरण का फैसला वापस लेने, स्मार्ट मीटर लगाने, बिजली के रेट ईंधन से जोड़ने का फैसला वापस लेने, दिन और रात के समय पीक आवर्स के बिजली के रेट अलग-अलग तय करने का नियम वापस लेने, बिजली के 45 फीसदी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव वापस लेने, किसानों को नलकूपों के लिए कम से कम 18 घंटे, ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू बिजली 20 घंटे, शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने, 300 यूनिट तक फ्री बिजली देने, अप्रैल 2023 से नलकूपों केे बिल माफ करने के वायदे को बिना शर्त पूरा करने, बिजली उपभोक्ताओं से अवैध रूप से वसूले गए टैक्स का 31725 करोड रूपये को बिजली के बिलों में समायोजित करने, बिजली कनेक्शन काटने-जोड़ने का अतिरिक्त चार्ज समाप्त करने, बिजली विभाग में रिक्त पडे़ स्थानों को भरने, सभी संविदा कर्मियों को नियमित करने, जर्जर तार, पोल, ट्रांसफार्मर बदल कर जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने की मांग की गई है।
कार्यक्रम में आनंद प्रकाश चौरसिया, विकास दुबे ,बृजेंद्र मणि त्रिपाठी, चतुरानन ओझा ,शारदानंद यादव ,राजेश आजाद ,राकेश सिंह, संजय दीप कुशवाहा आदि ने अपनी बातें रखीं।
