गोरखपुर। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह के निर्देश पर आप, यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने 27 अगस्त को आप नेता कुंज बिहारी निषाद के परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर आप के पूर्वांचल प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि यदि तीन दिन में दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतर आएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद में हुई इस निर्मम हत्या के आरोपियों को अभी तक योगी आदित्यनाथ की पुलिस गिरफ़्तार नहीं कर पाई है जो पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधियों के संरक्षण और प्रदेश की ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था की पोल खोलती है। अगर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक सड़कों पर उतर आएगी।
प्रतिनिधिमंडल में अनुराग मिश्रा (प्रभारी, पूर्वांचल प्रान्त), राजेश यादव (अध्यक्ष, पूर्वांचल प्रान्त), वंशराज दुबे (मुख्य प्रदेश प्रवक्ता), विनय पटेल (अध्यक्ष, अयोध्या प्रान्त), इंजी. इमरान लतीफ़ (अध्यक्ष, बौद्ध प्रान्त) और इस्मा ज़हीर (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, खेल प्रकोष्ठ) शामिल रहे।
मृतक कुंज बिहारी निषाद के परिजनों से आप सांसद संजय सिंह ने बात की। उन्होंने कहा कि वे जल्द गोरखपुर आकर परिजनों से मुलाकात करेंगे। कुंज बिहारी निषाद की हत्या को योगी सरकार की ध्वस्त कानून व्यवस्था का सीधा प्रमाण बताते हुए उन्हने कहा कि अपराधियों का हौसला इतना बुलंद है कि वे खुलेआम हत्या कर रहे हैं और पुलिस अपराधियों की रक्षा में लगी है। अगर तीन दिन के अंदर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन करेगी।
आम नेताओं ने कहा कि 23 अगस्त को ₹50,000 की बकाया राशि मांगने पर भाजपा समर्थित गुंडों ने कुंज बिहारी निषाद पर जानलेवा हमला किया। गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया। इलाज में लापरवाही और पुलिस की ढिलाई के कारण मंगलवार को उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने पर पुलिस और प्रशासन की हठधर्मी से गुस्साए परिजनों व कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज व बल प्रयोग किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए।
आप नेताओ ने तीन दिन के अंदर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज की देखरेख में कराने, इलाज में लापरवाही बरतने वाले अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार डॉक्टरों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, पार्टी पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं व मृतक के परिजनों के ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी करने पर रोक लगाने और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और आरोपियों को बचाने का केस दर्ज करने की मांग की है।
