गोरखपुर। भाकपा माले ने आप नेता कुंज बिहारी निषाद की हत्या को पुलिस लापरवाही का परिणाम बताया है और मांग की है कि सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, गोरखनाथ थाने के थानाध्यक्ष की भूमिका की जांच हो और कुंज बिहारी निषाद के परिजनों को 25 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए।
भाकपा माले के सदस्य राज्य स्थाई समिति के सदस्य राजेश साहनी ने घटना के बारे में जारी बयान में कहा कि गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामपुर नयागांव निवासी 35 वर्षीय कुंज बिहारी निषाद भवन निर्माण से संबंधित सामग्री की आपूर्ति का काम करता था। कुंज बिहारी का साला हेमंत निषाद उसके कारोबार में हाथ बँटाता था। कुंज बिहारी निषाद नगर निगम चुनाव में आदमी पार्टी से पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। वह गोरखनाथ क्षेत्र से जुड़े एक अति प्रभावशाली व्यक्ति के रिश्तेदार का गाड़ी भी चलवाता था।
कुंज बिहारी निषाद 23 अगस्त को शाम छह बजे मोहल्ले में ही घर बनवा रहे अभिषेक पांडेय के घर 50 हजार बकाया मांगने गया। हिमालय पांडे एवं अभिषेक पांडे ने बकाया देने से इनकार किया। विवाद होने पर दोनों ने पहले से मौजूद एक दर्जन सहयोगियों के साथ कुंज बिहारी व उसके साले हेमंत पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने राड और पटरा आदि से कुंज बिहारी को सिर पर प्रहार कर दिया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। घायल कुंज बिहारी को पास में स्थित मेरीगोल्ड हॉस्पिटल ले जाया गया। इलाज के दौरान ही गोरखनाथ थाना में तहरीर दी। पुलिस ने मेरीगोल्ड हॉस्पिटल में आकर कुंज बिहारी का बयान रिकॉर्ड किया। पुलिस ने मेडिकोलीगल कराने के लिए कुंज बिहारी को मेरीगोल्ड हॉस्पिटल से जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखकर उन्हें रात दो बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में ठीक से इलाज होता न देख परिजन 25 अगस्त को साईं हॉस्पिटल ले गए। वहां भी इलाज बेहतर न होने पर कुंज बिहारी को फिर मेरीगोल्ड हॉस्पिटल भर्ती कराया गया जहँ 26 अगस्त को सुबह 11 बजे उनकी मौत हो गई।
माले नेता राजेश साहनी ने बताया कि कुंज बिहारी की मौत की सूचना मिलने पर भारी पुलिस फोर्स मेरीगोल्ड हॉस्पिटल पहुंची और जबरन डेड बॉडी को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तत्काल पोस्टमार्टम करा कर आनन – फानन में रात्रि आठ बजे गांव के बगल में नदी किनारे कुंज बिहारी का अन्त्येष्टि करा दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यवाही न केवल लापरवाही पूर्ण है बल्कि संदिग्ध भी है ।23 अगस्त को दी गई तहरीर के बाद भी 24 अगस्त को दोपहर दो बजे के बाद एफआईआर दर्ज की गई और 26 अगस्त तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई। इतना ही नहीं मेडिकल कराने के लिए ना तो जिला अस्पताल और नहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोई पुलिसकर्मी गया। पुलिस अभियुक्तों की ओर से मामला रफा दफा करने का इंतजार कर रही थी।
श्री साहनी ने आरोप लगाया कि पुलिस परिजनों द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी और 25 लाख रुपए मुआवजा मांगने पर परिजनों व ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज कार्यवाही करने की धमकी दे रही है ।पूरे गांव में दहशत का माहौल बनाया गया है।
माले नेता ने कहा कि भाकपा माले के कार्यकर्ता 26 अगस्त को कुंज बिहारी निषाद की मौत की सूचना मिलने पर अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक तथा अन्त्येष्टि तक परिजनों के साथ रहे और न्याय के लिए संघर्ष करने का भरोसा परिजनों को दिलाया।
