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स्मृति सभा में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनिल चौधरी को याद किया

वाराणसी। जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता और पीस (PEACE) संस्था के संस्थापक अनिल चौधरी की याद में 20 अगस्त को स्मृति सभा का आयोजन पराड़कर भवन में लिया गया। स्मृति सभा का आयोजन जनमित्र न्यास, PVCHR, IRCT, GHPF, JUSTER और संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNVFVT के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। स्मृति सभा में पीवीसीएचआर के वार्षिक सम्मेलन के साथ-साथ यातना पीड़ितों का सम्मान भी किया गया।

स्मृति सभा की अध्यक्षता करते हुए गांधीवादी इतिहासकार डॉ. मोहम्मद आरिफ ने कहा कि अनिल चौधरी को सांप्रदायिकता और भूमंडलीकरण के खिलाफ  लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गए संघर्ष के कारण उन्हें पूरी दुनिया में याद किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दों पर सैकड़ों लोगों को शिक्षित और प्रशिक्षित किया जो आज भी पूरे देश में कार्य कर रहे हैं।

सभा के आरंभ में अनिल चौधरी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. लेनिन ने उनकी शख्सियत और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि अनिल चौधरी की स्मृति में पीस के कार्यकर्ताओं को द्विवार्षिक वजीफा और नवदलित सम्मान प्रदान किया जाएगा।

डॉ. लेनिन ने कहा, “सिर्फ दो ही ऐसे लोग थे जो हमेशा मंच से दूर रहकर छोटे-छोटे प्रशिक्षण देकर समाज को तैयार करते थे-एक अनिल चौधरी और दूसरे शंकर गुहा नियोगी। चौधरी जी पहचान की राजनीति और पैसों के पीछे भागने वालों की आलोचना करते हुए कहते थे कि जो सिर्फ़ पैसे का पीछा करता है, वह उल्लू है। वे समझाते थे कि उल्लू से कैसे बचा जाए।”

दिल्ली से आए पीस के कार्यकारी निदेशक जितेंद्र चाहर ने अनिल चौधरी की वैचारिक दृष्टि पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा, “अनिल जी का मानना था कि सामाजिक परिवर्तन कोई प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक प्रक्रिया है।”

वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने समुदाय निर्माण और उनमें उम्मीद जगाने के संदर्भ में अनिल चौधरी के महत्वपूर्ण सबक साझा किए। इसके बाद बनारस के वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत ने अपने अनुभव सुनाए। लंदन स्थित फ्रंटपेज पब्लिकेशन के प्रमुख अभिजीत मजूमदार ने अंग्रेजी में संक्षिप्त संबोधन किया।

यातना पीड़ितों का सम्मान

सभा का दूसरा चरण सोनभद्र के विभिन्न वंचित समुदायों से आए यातना पीड़ितों को सम्मानित करने के लिए था। मंच से उनकी विस्तृत गवाहियां पढ़ी गईं, जो बेहद मार्मिक थीं और समाज के सबसे हाशिए पर खड़े लोगों की पीड़ा को उजागर करती थीं।

इनमें जटई, सोनू, नंदलाल, दिनेश और शिवशंकर शामिल थे, जिन्हें मंच पर मौजूद अतिथियों ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

सभा की शुरुआत में वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत को उनकी पत्रकारिता के लिए नवदलित सम्मान दिया गया। कवि व्योमेश शुक्ल, कमलेंद्र कुमार सिंह, अधिवक्ता चे ग्वारा रघुवंशी और सामाजिक कार्यकर्ता पिंटू गुप्ता को जनमित्र सम्मान प्रदान किया गया।

डॉ. लेनिन ने वरिष्ठ संपादक ए.के. लारी, सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति, तथा लखनऊ से आए आशीष अवस्थी और ज्ञान जी को गमछा पहनाकर विशेष सम्मान दिया। ये सभी लोग किसी न किसी रूप में लंबे समय तक अनिल चौधरी से जुड़े रहे थे।

कार्यक्रम के अंत में पीवीसीएचआर की प्रमुख श्रुति नागवंशी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।