मऊ। भाकपा माले व उत्तर प्रदेश खेत व ग्रामीण मजदूर सभा ने राज्य व्यापी आह्वान पर शहरोज ग्राम सभा में गरीबों की जमीन अधिग्रहण, पुश्तैनी सरकारी, ग्राम समाज, पटटा जंगल की जमीनों पर बसे गरीबों की बेदखली और बुलडोजर न्याय के खिलाफ 25 सितंबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्य मंत्री को सम्बोधित सात सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा।
इस मौके पर भाकपा माले के जिला सचिन बसंत कुमार ने कहा कि मोदी की नोटबंदी व गलत आर्थिक नीतियों ने गरीबों मजदूरों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण गरीब माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज जाल में फंस गए हैं। फाइनेंस कंपनियां कर्ज वसूली में मनमानी कर ग्रामीणों का शोषण कर रही हैं। मऊ जनपद के शहरोज ग्राम सभा में पचास वर्षों से बसें गरीबों को आवास विकास परिषद द्वारा उजाडा जा रहा है. जबकि सभी घरों को छोड़कर भी आवास विकास कॉलोनी बनाई जा सकती है लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। बड़े कॉर्पोरेट पूजीपतियों को औने पौने दाम पर कीमती जमीन सौपी जा रही हैं और गरीब कहीं अपना आशियाना बनाया है तो उसको उजाडा जा रहा है। यह सरकार के गरीब विरोधी चेहरे को उजागर कर रहा है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अपने चुनावी वादे में सभी बिजली बकाया बिलों को माफ करने व सभी को दो सौ यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया था लेकिन सरकार अपने वादे से पीछे हटकर उल्टे उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली देने का फैसला थोप दिया है। बिजली का निजीकरण कर प्रदेश के संस्थानों को बड़े कारपोरेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जन संस्कृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश धूमकेतु , राम नवल, शिवा मूरत, राम शबद, ओमप्रकाश, कल्पनाथ, राजेंद्र, शीला विद्याधर, महेंद्र, चंद्रशेखर चौहान, हरिश्चंद्र, शत्रुघ्न, मुन्ना गौतम, रामबदन, बनवासी, रहमतुल्लाह, मुन्ना, रामबली राजभर, फेकू राजभर, रमेश राजभर, साधु यादव, दुर्ग विजय राजभर, रमेश, रामशरण, राजकुमार, प्रदुमन यादव, हरिंदर राजभर, रमाशंकर आदि शामिल रहे।
