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धर-पकड़ और घेराबंदी को धता बता भाकपा माले की अगुवाई में ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस ने जिला सचिव को रिहा किया  

गोरखपुर। पुलिस की धर-पकड़ और गांवों की घेराबंदी को धता बताते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने आज भाकपा माले की अगुवाई में नगर निगम से डीएम कार्यालय तक मार्च किया और प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों के दबाव पर पुलिस को कल रात से हिरासत ने लिए गए भाकपा माले के जिला सचिव राकेश सिंह को रिहा भी करना पड़ा।

महेवा क्षेत्र के 14 गांवों की जमीन के क्रय-विक्रय और  निर्माण पर रोक हटाने,  कुंज बिहारी निषाद के परिजनों को मुआवजा देने, रामपुर नयागांव के निवासियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, ग्रामीण गरीबों क् कर्ज और बिजली बिल माफ करने, चिट फंड कंपनियों में जमा धन वापस दिलने की मांग आज के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा था।

भाकपा माले ने गोरखपुर महानगर के सटे दक्षिण महेवा सहित 14 गांवों में जबरन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके खिलाफ भाकपा माले ने प्रचार-प्रसार कर 25 सितंबर को प्रदर्शन की घोषणा की थी। पुलिस ने 24 सितंबर की रात भाकपा माले  के जिला सचिव राकेश सिंह सहित भाकपा माले के प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गांव-गांव में बैरीकेडिंग लगाकर लोगों को रोकना शुरू कर दिया था।

आज प्रशासन के धर-पकड़ के बावजूद करीब 500 लोग जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य स्थाई समिति सदस्य राजेश साहनी ने कहा कि गोरखपुर में सैकड़ो गांव के हजारों एकड़ जमीन जिला प्रशासन अधिग्रहित कर रहा है जिससे लाखों गरीबों के सामने रोजी-रोटी और पुनर्वास की कोई व्यवस्था का विकल्प नहीं रह जा रहा है। इसको रोका जाना चाहिए। उन्होंने प्रदीप गुप्ता के परिजनों को दिए गए पांच लाख रुपए मुआवजा की तरह कुंज बिहारी निषाद के परिजनों को भी सहायता देने की मांग की।

इसके साथ ज्ञापन में मांग की गई है कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जबरन वसूली पर रोक लगाई जाए, आरबीआई गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, सभी गरीबों को 200 यूनिट बिजली फ्री दिया जाए, प्राइमरी स्कूलों का मर्जर व मदरसो का ध्वस्तीकरण पर रोक लगाया जाए ,सहारा फाइनेंस में जमा गरीबों का पैसा ब्याज सहित वापस कराया जाए तथा दो लाख का कर्ज माफ किए जाए।

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग किया कि नया गाँव के लोगों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाए, पूर्वाग्रह से गरीब ग्रसित गोरखनाथ थानाध्यक्ष को तत्काल हटाया जाए और कई महीने से गायब पिपराइच थाना अंतर्गत ग्राम लहुरादेउर निवासी सुभाष यादव को भी सुरक्षित बरामद किया जाए।

प्रदर्शनकारियों में विनोद भारद्वाज, मनोरमा चौहान, सुग्रीव निषाद, दीनदयाल यादव, बजरंगी लाल निषाद, मनोज निषाद,विषाती, श्यामाचरण, विशुनदेव, पुष्पा चौहान, चंदिका देवदार, दिना निषाद, रामचंद्र निषाद, सुभाष निषाद, ओंकारी निषाद,जैनुल अंसारी मिथिलेश, भारती अश्वनी, कुमार राम सजीवन भारती, ओम प्रकाश निषाद ,पंचू भारती ,श्यामदेव निषाद, लाल चंद यादव, गुंजा भारती फूलचंद भारती सुभाष पाल एडवोकेट प्रमुख रूप से शामिल रहे ।

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