गोरखपुर। रामपुर नए गांव में कुंज बिहारी निषाद के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और मोहल्ले वासियों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग पर धरना और भूख हड़ताल 16 अक्टूबर को दसवें दिन जिलाधिकारी से वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि दीपावली बाद मुकदमा वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आर्थिक सहायता के लिए संस्तुति भेज दी गई है।
यह आंदोलन शहरी गरीब मोर्चा और भाकपा माले नेताओं ने रामपुर नए गाँव के लोगों से साथ शुरू किया था।
डीएम से वार्ता के बाद एसडीएम सदर और सीओ गोरखनाथ ने धरना स्थल पर पहुंचे। दोनों ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
आंदोलन के नवें दिन बुधवार को एसडीएम सदर एवं सीओ गोरखनाथ भूख हड़तालियों से वार्ता करने आए लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर लोगों ने धरना और अनशन समाप्त करने से मना कर दिया था।
आज जिलाधिकारी गोरखपुर के बुलावे पर भाकपा माले राज्य स्थाई समिति के सदस्य राजेश साहनी,सपा के वरिष्ठ नेता जफर अमीन डक्कू, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, भाकपा-माले जिला सचिव राकेश सिंह, कुंज बिहारी निषाद के बड़े भाई मनोज निषाद डीएम कार्यालय पहुंचे।

जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी, एसडीएम सदर की उपस्थिति में परिजनों के साथ वार्ताकारों को आश्वस्त हुए कहा कि दीपावली बाद एसएसपी गोरखपुर के साथ बैठकर मोहल्ले वासियों के ऊपर दर्ज मुकदमे की वापसी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री को संस्तुति भेज दी गई है। कृषि बीमा के तहत 5 लाख रुपए एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी कर दे दिया जाएगा।
आज धरना स्थल पर ऐपवा की गीता पांडे, अनीता निषाद, कलावजी, एडवोकेट सुभाष पाल, सुनील साहनी, गोविंद चौहान, मिथिलेश भारती, सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। भूख हड़ताल पर कुंज बिहारी निषाद के पिता रामचंद्र निषाद पत्नी रिंकी निषाद , शहरी गरीब मोर्चा के बजरंगी लाल निषाद, सुदामा भारती एवं अश्वनी भारती बैठे थे ।
धरना के स्थगन होने पर मनोज निषाद ने सबका आभार व्यक्त करते हुए यह विश्वास दिलाया कि पूरा परिवार गांव के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देगा।
