गोरखपुर। मियां बाजार स्थित जव्वाद अली शाह इमामबाड़ा गर्ल्स पीजी कॉलेज में मंगलवार को ओपन बुक कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया जिसमें कॉलेज की छात्राओं ने जोशो-खरोश के साथ हिस्सा लिया। ‘ द स्टोरी ऑफ हजरत अबू बकर व उमर ‘ बुक के जरिए करीब तीस मिनट में तीस बहुविकल्पी सवालों का जवाब करीब 41 से अधिक छात्राओं ने दिया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शगुफ्ता अमान ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा छात्राओं को बेहतर प्रदर्शन करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है। जब वह देखती हैं कि दूसरे अच्छा कर रहे हैं, तो वह भी कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित होती हैं। प्रतिस्पर्धा छात्राओं को हार और जीत दोनों का सामना करना सिखाती है। प्रतिस्पर्धा छात्राओं के कौशल को निखारने में मदद करती है। प्रतिस्पर्धा छात्राओं को अपनी क्षमताओं और कमजोरियों को समझने का मौका देती है, जिससे उन्हें पता चलता है कि उन्हें किन क्षेत्रों में सुधार करने की आवश्यकता है। छात्राओं के विकास के लिए ओपन बुक कॉम्पिटिशन फायेदमंद साबित होगा।
ओपन बुक कॉम्पिटिशन के संयोजक कारी मुहम्मद अनस रजवी व नेहाल अहमद नक्शबंदी ने कहा कि छात्राओं के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी है, क्योंकि यह उन्हें कड़ी मेहनत और सामाजिक कौशल सिखाती है। ओपन बुक कॉम्पिटिशन कराने का मकसद छात्राओं की ज्ञानवृद्धि व आत्मविश्वास जगाना है। हम सभी छात्राओं को जीतने या हारने से ज्यादा सीखने और बढ़ने के अनुभव पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करें। मां-बाप और शिक्षकों को एक सहायक माहौल बनाना चाहिए, जहां छात्राएं आनंद के साथ कुछ सीखने के लिए प्रतिस्पर्धा करें।
कॉम्पिटिशन में डॉ. रुश्दा कुदसिया, डॉ. तरन्नुम हसन, डॉ. निकहत जबीन, डॉ. रेहाना बेगम, डॉ. मुनीरा सईद आदि ने महती भूमिका निभाई।
