गोरखपुर। भाकपा-(माले) ने शहरों के सुंदरीकरण व विस्तार के नाम पर प्रदेश में दुकानदारों, गरीबों को उजाड़ने पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी ने कहा है कि एक तरफ भाजपा सरकार अडानी -अंबानी के खनन की लूट के लिए उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में जंगलों की अधाधुंध कटाई व आदिवासियों , गरीबों को बड़े पैमाने पर उजाड़ने का अभियान चला रही है तो दूसरी तरफ विंध्याचल,तराई व गंगा व अन्य नदियों के किनारे पर्यावरण संरक्षण व ग्रीन बेल्ट के विस्तार के लिए कृषि की जमीनों पर दशकों से बसे लोगों को उजाड़ने का अभियान चला रही है।
पार्टी ने कहा है कि योगी सरकार कारपोरेट तथा हाउसिंग कंपनियों के लिए किसानों की जमीनों का जबरिया अधिग्रहण कर जमीन लूट कर रही है। अधिग्रहण में नियमों की अनदेखी की जा रही है। जमीन के दाम भयंकर रूप से बढ़े हैं ,ऐसे में किसानों को पुराने बाजार मूल्य के बजाय आज के आधार पर चार गुने से ज्यादा मूल्य पर अधिग्रहण होना चाहिए। पार्टी ने योगी सरकार द्वारा मजदूर आन्दोलन को रोकने के लिए एस्मा लगाने का विरोध करते हुए आशा वर्करों की हड़ताल का समर्थन किया है।
पार्टी की बैठक में संगठन को मजबूत करने व विस्तार की योजना लिया है। बैठक में शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ, प्रदेश में रिक्त पदों को भरने तथा रोजगार के लिए छात्र – युवा आंदोलन को तेज करने पर बातचीत किया। पार्टी ने 22 दिसंबर को वामदलों व संगठनों के प्रदेश व्यापी प्रदर्शन को सफल बनाने का इकाइयों का आह्वान किया है। पार्टी द्वारा 23 फरवरी को बुल्डोजर कार्रवाई के खिलाफ, गरीबों का बिजली बिल माफ,300 युनिट मुफ्त बिजली देने, माइक्रो फाइनेंस व किसानों की कर्ज़ माफी,एम एस पी पर फसलों की खरीद गारंटी आदि सवालों लखनऊ में विधानसभा मार्च करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने विधानसभा की लड़ी जाने वाली सीटों से जिला पंचायत व पंचायत चुनावों को मजबूती से लड़ने की योजना लिया है।
