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बच्चों के समन्वित विकास को लेकर मदद फाउंडेशन ने की बैठक

गोरखपुर। मदद फाउंडेशन के कार्यालय एकतानगर में 31 दिसम्बर को आयोजित बैठक में बच्चों के समन्वित विकास को लेकर चर्चा कर रणनीति बनाई गई।

कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए मदद फाउंडेशन के ट्रस्टी व सचिव राजेश मणि ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास को लेकर यह चर्चा है।  बच्चे बाल श्रम बाल तस्करी व शोषण के शिकार हो रहे हैं। हम सभी को मिलकर इसे रोकना होगा। पंचायत और विद्यालय स्तर पर लगातार जागरूकता आवश्यक है। बच्चे साइबर क्राइम व साइबर ट्रैफिकिंग के भी शिकार हो रहे हैं।  इस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

किशोरियों के समन्वित विकास को लेकर राजेश मणि ने कहा सुदूर गांवों में ड्राप आउट की संख्या में लड़कियों की संख्या अधिक है। जूनियर हाई स्कूल व हाई स्कूल के बाद अधिकार किशोरिया ड्राप आउट हो जाती है। विद्यालय नहीं जा पाती हैं। उनका जल्दी विवाह भी हो जाता है। बाल विवाह को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। परिवारों से प्रारंभ कर समाज तक निर्णय लेने में किशोरियों को भागीदार बनाया जाये।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रो ओंकार तिवारी ने कहा कि जितने काम बच्चों के समन्वित विकास के लिए होने चाहिए, उतने नहीं हो रहा है।  बच्चों  का शोषण बढ़ रहा है। सभी कार्यरत एजिंसियों को एक साथ बच्चों के विकास के लिए कार्य करना चाहिए।

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ वंदना सिंह ने कहा कि हमारी न्यायपीठ सदैव तत्पर रहती है। बच्चों की देख रेख और उनके संरक्षण को लेकर हम अनवरत प्रयास कर रहे हैं। जनपद में कहीं भी बच्चा अगर शोषित हो रहा है तो कोई भी बाल कल्याण समिति को सूचना दे सकता है।

बाल कल्याण समिति सदस्य जय प्रकाश आर्य ने कहा कि प्रत्येक थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त हैं। बच्चों से संबंधित किसी भी तरह के केस को उन्हें ही देखना होता है।

बाल कल्याण समिति के सदस्य अरुण राव ने कहा कि बच्चे का समन्वित विकास तभी संभव है जब सभी का सहयोग मिले।आम जन को भी आगे बढ़ना चाहिए और अपने आस-पास के बच्चों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए।