समाचार

‘ सूफी मजार को ध्वस्त किये जाने की कार्यवाही पक्षपात पूर्ण  ’

देवरिया। समान शिक्षा आंदोलन, उत्तर प्रदेश के सहसंयोजक चतुरानन ओझा और ईस्टर्न साइंटिस्ट जर्नल के संपादक अचल पुलस्तेय ने देवरिए के सूफी मजार को ध्वस्त किये जाने को कायरता पूर्ण और पक्षपात पूर्ण कार्यवाही बताया है।

एक बयान में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने स्थानीय विधायक के सांप्रदायिक एजेंडा को स्थापित करने के लिए जितने त्वरित गति से मजार ध्वस्त करने की कार्यवाही किया है, वह सभी स्तरों पर निंदनीय है। मजार कोई मंदिर या मस्जिद नहीं होता। उसमें हिंदू मुस्लिम सभी की आस्था होती है। उसमें मुसलमान लोगों से अधिक हिंदू लोग मन्नतें मांगने जाते हैं। वह मजार शहर से बाहर  श्रद्धालुओं के आस्था के आधार पर निर्मित हुई है। वह देवरिया की पहचान है।

श्री चतुरानन ओझा और अचल पुलस्तेय ने कहा कि देवरिया के लगभग सभी चौराहों पर सड़कों का अतिक्रमण करके कई निर्माण हैं जो सबके संज्ञान में हैं। उनसे सार्वजनिक यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
स्कूलों ,अस्पतालों और रोजगार देने वाले संस्थानों की बदहाली के खिलाफ उनकी बेहतरी के लिए कोई कार्यवाही नहीं करने वाले विधायक को शर्म आनी चाहिए।