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जेएनयू के छात्र-छात्राओं की गिरफ्तारी के विरोध में गोरखपुर में प्रतिवाद मार्च और सभा 

गोरखपुर। गोरखपुर में आज नागरिक समाज और विभिन्न जनसंगठनों की ओर से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र-छात्राओं तथा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के अखिल भारतीय अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के विरोध में “अखिल भारतीय प्रतिवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिलाधिकारी करेले पर आयोजित प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए राज्य स्थायी समिति के सदस्य राजेश साहनी ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की प्रवृत्ति खतरनाक है। छात्र-छात्राओं के संवैधानिक अधिकारों पर हमला लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करता है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के जिला सचिव राकेश सिंह ने कहा कि जेएनयू से शिक्षा मंत्रालय तक हुए मार्च में शामिल छात्र नेताओं की गिरफ्तारी अलोकतांत्रिक है। उन्होंने रोहित एक्ट को लागू करने, शिक्षा परिसरों में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और छात्रसंघों के लोकतांत्रिक अधिकार बहाल करने की मांग की।

जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विचार रखने का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। छात्रों की आवाज को दमन से नहीं दबाया जा सकता।

फिशरमैन कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कश्यप ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक न्याय के सवाल पर चल रहे आंदोलनों का समर्थन समाज के हर तबके को करना चाहिए।

भीम आर्मी स्टूडेंट्स फ्रंट के आकाश पासवान ने कहा कि दलित-बहुजन और वंचित समाज के छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सामाजिक कार्यकर्ता मनोज मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक माहौल बहाल किया जाए तथा छात्र-छात्राओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए।

प्रतिवाद सभा में वक्ताओं ने छात्र नेताओं को रिहा करने, उनके ऊपर दर्ज सेस को वापस लेने,  रोहित एक्ट को लागू करने, शिक्षा परिसरों के लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा करने की मांग की।

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