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गोरखपुर। पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत की खबरें लगातार मिल रही हैं। देवरिया और गोरखपुर में दो महिला शिक्षा मित्रों की कोराना संक्रमण से मौत हो गई है। देवरिया में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संघ ने 40 शिक्षकों-कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत की जानकारी दी है। इन सभी शिक्षकों-कर्मचारियों ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी की थी। गोरखपुर जिले में पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने के दौरान कोरोना संक्रमण से जान गंवानेे वाले शिक्षकों, शिक्षा मित्रों की संख्या 47 तक पहुंच गई है।

प्राथमिक शिक्षक संघ की गोरखपुर इकाई ने 28 अप्रैल को पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोराना संक्रमित हुए 20 शिक्षकों की मौत की जानकारी दी थी। इसके बाद के 10 दिनों में 27 और शिक्षकों व शिक्षा मित्रों की मौत की जानकारी संघ ने दी है। यह सूची उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिण को भेजी गई है।

प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी ने 7 मई को अपनी बैठक में कहा था कि वह नौ मई को पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरे शिक्षकों-कर्मचारियों की सूची जारी करेगा। संघ ने कहा था कि अब तक पूरे प्रदेश में 800 से अधिक शिक्षकों-कर्मचारियों की मृत्यु का समाचार मिला है।

देवरिया में प्राथमिक शिक्षक संघ ने 30 और माध्यमिक शिक्षक संघ ने 10 शिक्षकों -कर्मचारियों की पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोराना संक्रमण के कारण मौत होने की जानकारी दी है। प्राथमिक शिक्षक संघ के मुताबिक कोरोना संक्रमण से एक खंड शिक्षा अधिकारी, 11 प्रधानाध्यापक, 11 सहायक अध्यापक व पांच कर्मचारियों की मौत हुई है। माध्यमिक शिक्षक संघ ने बताया कि कोरोना संक्रमण से शिक्षक जितेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद, चंद्रभान जायसवाल, आनंद सागर श्रीवास्तव, आखिलेश राव, कालेश्वर यादव, मो. रेहान और परिचारक राकेश कुमार, मुन्ना कुशवाहा व प्रेम की मृत्यु हुई हैं।

सात मई को देवरिया और गोरखपुर जिले में दो शिक्षा मित्रों की कोराना संक्रमण से मौत की खबर मिली है। दोनों शिक्षा मित्रों ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी की थी।

देवरिया के गौरीबाजार क्षेत्र के टेंगरगढी में शिक्षा मित्र 35 वर्षीय सुनीता की 7 मई को कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। उन्हें बीमार होने के बाद देवरिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन घर आने के बाद फिर उनकी तबियत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया जा रहा था कि रास्ते में मौत हो गई।

गोरखपुर के गगहा क्षेत्र में पंडित नगवा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मित्र कुसुम मिश्रा की 6 मई को कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। 48 वर्षीय कुसुम ने पंचायत चुनाव में पाली ब्लाक में ड्यूटी की थी। पंचायत चुनाव की ड्यूटी के बाद ही उनकी तबियत खराब हुई। उन्हें गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।

उधर देवरिया जिला प्रशासन ने प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दी गई सूची के सत्यपान के बाद रिपोर्ट दी है कि 19 शिक्षकों की पंचायत चुनाव में कोविड संक्रमण से मृत्यु हुई है। जिलाधिकारी द्वारा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में कहा है कि 30 शिक्षकों में से 19 की मृत्यू कोविड संक्रमण से हुई है जबकि छह की अन्य कारण से मृत्यु हुई है। किडनी व लीवर की बीमारी से दो शिक्षकों की और एक शिक्षक की ब्रेन आपरेशन से मौत हुई है। एक शिक्षक की पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटते समय मार्ग दुर्घटना में मृत्यू हुई है जबकि एक शिक्षक की दूसरे जनपद में स्थानान्तरण के बाद मृत्यू हुई है।

By मनोज कुमार सिंह

मनोज कुमार सिंह गोरखपुर न्यूज़ लाइन के संपादक हैं

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