गोरखपुर, 13 सितम्बर। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. मो. अयूब ने तिवारीपुर के सिटी मैरेज हाउस में बुधवार को सीएम योगी आदित्याथ, बीजेपी, आरएसएस, ओवैसी की पार्टी पर तीखे तंज कसे। उन्होंने सपा, कांग्रेस, बसपा के मुस्लिमों को कौम का जयचंद बताया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने अगर पार्टी को 50 प्रतिशत भी वोट दिया होता तो भाजपा की सरकार नहीं बन पाती। गोरखपुर ग्रामीण सीट पर जीत न हासिल कर पाने के लिए मुसलमानों को ही जिम्मेदार बताया।
अभी जल्द जेल से रिहा हुए मो. अयूब ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुस्लिम मुखालिफ, साम्प्रदायिक और जातिवादी करार दिया. उन्होंने कहा कि समाज में धर्म, जाति के नाम पर उन्माद फैलाकर, कमजोर लोगों को धमका कर सत्ता हाथियाने की साजिश इस लोकतंत्र में बहुत आसान हैं। भाजपा इसी तरह सत्ता हासिल करती हैं। भाजपा को भारतीय झूठ पार्टी करार देते हुए उन्होंने वर्ष 2017 के उप्र विधानसभा चुनाव में पीस पार्टी की हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने अगर पार्टी को 50 प्रतिशत भी वोट दिया होता तो भाजपा की सरकार नहीं बन पाती। गोरखपुर ग्रामीण सीट पर जीत न हासिल कर पाने के लिए मुसलमानों को ही जिम्मेदार बताया।

उन्होंने भाजपा व आरएसएस पर प्रहार करते हुए कहा कि धर्म के नाम दलित व पिछड़ों को ठगा गया हैं। सरकार बनने के बाद मुसलमानों के साथ साजिश हो रही हैं। दलित, पिछड़े भाईयों की नस्ले तबाह की जा रही हैं। प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया जा रहा हैं।
उन्होंने स्लाटर हाउस मामले पर सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कहा जब पार्टी विधानसभा में स्लाटर हाउस का मामला उठाती तो लोग हंसते थे। आज पता चल रहा हैं। भाजपा में स्लाटर हाउस बंद हो गया। मदरसों का भी मामला पार्टी उठाती थीं।
डा. अयूब ने जेल जाने के लिए योगी आदित्यनाथ व ओवैसी की पार्टी को जिम्मेदार ठहराया और इसे साजिश करार दिया। उन्होंने सांसद असद्दुदीन ओवैसी पर तंज कसते हुए कहा कि वह आरएसएस व बीजेपी वाली भाषा बोलते हैं।
उन्होंने अपील किया कि मुसलमान मत्तहिद हो जायें तो आने वाला वक्त हमारा हैं। गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में पार्टी को वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग मुझ पर इल्जाम लगाते हैं कि मैं भाजपा व आरएसएस से मिला हूं तो वह एक भी सबूत पेश करे। मेरी सच्चाई मेरा खुदा बेहतर जानता हैं।
इस दौरान अताउल्लाह शाही, जहांगीर अहमद, कमरुद्दीन, अरुण श्रीवास्तव, सैयद महफुजुर्रहमान, कमरुद्दीन अहमद अंसारी आदि मौजूद रहे।
कार्यकर्ता सम्मेलन में भीड़ नहीं
जेल से जमानत पर छूटने के बाद पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. मो. अयूब मुस्लिम बाहुल्य गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा में पहली बार कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान बेहद कम कार्यकर्ता ही नजर आयें जो पार्टी की लोकप्रियता पर सवाल खड़ा करता हैं। यह चर्चा का विषय भी बना रहा। सौ के करीब कार्यकर्ता मौजूद रहे। डा.अयूब के आने से पहले कुर्सियां खाली नजर आयीं। जब डा. अयूब आये तब कुर्सिया भरीं। कभी विधानसभा चुनाव के दौरान हजारों की भीड़ को संबोधित करने वाले डा. अयूब चंद कार्यकर्ताओं से घिरे नजर आयें। इस दौरान सपा छोड़कर 13 लोगों ने पीस पार्टी की सदस्या लीं। पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व खुद अयूब अपने ऊपर लगे आरोप को साजिश करार देते रहे।