गोरखपुर। दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा ने आज गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर मोदी सरकार की छात्र-युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस मौके पर दिशा छात्र संगठन की अंजली ने कहा कि पिछले 6 वर्षों के दौरान भारत में सम्मानजनक रोजगार मिलता कठिन हो गया है । एसएससी – सीजीएल, एसएससी-जेई से लेकर रेलवे तक में परीक्षा परिणामों को सालों लटकाया जा रहा है। एसएससी – सीजीएल 2018 और एसएससी-जेई 2019 की परीक्षा का परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया है । इससे भी बुरी हालात रेलवे की है। मार्च 2019 में एनटीपीसी पोस्ट्स के लिए फॉर्म भरवाए गए थे, आज तक परीक्षा की तिथि भी घोषित नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकारी विभागों का निजीकरण धड़ल्ले से किया जा रहा हैं जिसकी वजह से सरकारी नौकरियों के अवसर लगतार सिकुड़ता जा रहा है तो दूसरी तरह मंदी की मार झेल रही प्राइवेट सेक्टर में भी छटनी की जा रही है। जब विद्यार्थी एक जुट होकर विरोध में उतरे, सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में सरकार से जवाब मांगा, तब कहीं जाकर एस एस सी ने रिजल्ट प्रकाशित होने की तारीख घोषणा की, हालांकि अब तक रेलवे की तरफ से कोई भी आश्वासन नहीं आया है ।
नौजवान भारत सभा के विकास ने कहा कि आज आवश्यकता है कि इस संघर्ष को वृहत आंदोलन का रूप देते हुए केंद्र सरकार व राज्य सरकारों को रोजगार नीति बनाने के लिए बाध्य किया जाए । रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर शामिल किए जाने की मांग की जाए, यह संघर्ष सिर्फ सोशल मीडिया की सीमा में रहकर नहीं लड़ा जा सकता है, इसके लिए छात्रों व युवाओं को सड़कों पर आना ही होगा ।
